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उत्तर प्रदेश

अनोखी सेवा का वायरल वीडियो प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला 2025 में जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं एक अनोखी सेवा ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक वायरल वीडियो में एक शख्स "डिजिटल फोटो स्नान" की सुविधा दे रहा है, जो उन लोगों के लिए है जो मेले में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकते। इस सेवा के तहत वह व्हाट्सएप पर भेजी गई तस्वीरों को पवित्र जल में डुबोने का दावा करता है। इसके लिए वह 1,100 रुपये शुल्क लेता है और कहता है कि इससे दूर रहने वाले भक्तों की आत्मा शुद्ध हो जाएगी। कौन है यह शख्स और कैसे काम करता है उसका "स्टार्टअप"? वीडियो में खुद को दीपक गोयल बताने वाला यह व्यक्ति प्रयागराज का निवासी है। उसने अपने इस अनोखे "स्टार्टअप" के बारे में बताया कि लोग अपनी तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं। इसके बाद वह इन तस्वीरों का प्रिंट निकालकर 24 घंटे के भीतर संगम के पवित्र जल में डुबो देता है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर यूजर आकाश बनर्जी ने शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा था, "नेक्स्ट लेवल एआई आइडिया, अगली यूनिकॉर्न कंपनी मिल गई।" सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो गया, जिसे अब तक 43 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और 1.24 लाख लाइक्स मिल चुके हैं। लोगों की प्रतिक्रियाएं भी विविध रही हैं। कुछ ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह लोगों की भक्ति और मासूमियत का फायदा उठाने का तरीका है, वहीं कुछ ने मजाक में इसे असली उद्यमशीलता करार दिया। एक यूजर ने लिखा, "चीन के पास डीपसीक है, तो हमारे पास डीपस्नान।" दूसरे ने टिप्पणी की, "यह कोई मजाक या कॉमेडी नहीं, बल्कि सच है।" एक अन्य ने कहा, "यह है असली डिजिटल इंडिया।" कुछ ने मजाक में इसे "बिलियन डॉलर का आइडिया" तक कह डाला। महाकुंभ मेले का महत्व महाकुंभ मेला, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव माना जाता है, 13 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुरू हुआ और यह 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। इस पवित्र हिंदू आयोजन में लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं और त्रिवेणी संगम - गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम - में स्नान करते हैं। इस बार मेले में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भूटान के राजा, विदेशी राजनयिक, बड़े उद्योगपति और मशहूर फिल्मी हस्तियों ने भी संगम में डुबकी लगाई है। निष्कर्ष यह "डिजिटल फोटो स्नान" सेवा भले ही विवादों में हो, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत में नवाचार और उद्यमशीलता की कोई कमी नहीं। कोई इसे मौके का फायदा मान रहा है, तो कोई इसे बेरोजगारी का नतीजा बता रहा है। आप इस अनोखे विचार के बारे में क्या सोचते हैं?

महाकुंभ 2025: “डिजिटल फोटो स्नान” सेवा का वायरल वीडियो हुआ हिट

अनोखी सेवा का वायरल वीडियो प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला 2025 में जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं एक अनोखी सेवा ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक वायरल वीडियो में एक शख्स “डिजिटल फोटो स्नान” की सुविधा दे रहा है,

Yogi government busy preparing for the last bath of Mahashivratri

महाकुंभ: महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान की तैयारी में जुटी योगी सरकार

CS-DGP मेला क्षेत्र पहुंचे, देखी व्यवस्था, दिये निर्देश महाकुम्भ नगर, 21 फरवरी। योगी सरकार आगामी 26 फरवरी को होने जा रहे महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान की तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने

प्रयागराज: महाकुंभ मेले के दौरान संगम का एक हवाई दृश्य, जो 'बसंत पंचमी अमृत स्नान' की पूर्व संध्या पर लिया गया। (फोटो: पीटीआई) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की कड़ी आलोचना की है। यह आलोचना प्रयागराज के संगम से लिए गए पुराने पानी के नमूनों की रिपोर्ट जमा करने के लिए की गई। यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक रिपोर्ट में पानी में फीकल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की उच्च मात्रा पाई गई। यह स्थिति गंभीर है, क्योंकि महाकुंभ मेले में हर दिन लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर रहे हैं। हालांकि, यूपीपीसीबी ने पानी की गुणवत्ता का बचाव करते हुए कहा कि गंगा और यमुना नदियाँ स्नान के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करती हैं, सिवाय एक पुल के क्षेत्र को छोड़कर। एनजीटी की प्रतिक्रिया एनजीटी ने यूपीपीसीबी पर सवाल उठाया और बताया कि उनकी रिपोर्ट में 12 जनवरी को लिए गए नमूने शामिल थे, जो महाकुंभ शुरू होने से पहले के हैं। अधिकरण ने नाराजगी जताते हुए कहा, “इतना बड़ा दस्तावेज क्यों जमा किया? क्या हमारा समय बर्बाद करने के लिए?” तारीख घटना 12 जनवरी 2025 यूपीपीसीबी ने पानी के नमूने लिए, जो महाकुंभ शुरू होने से पहले के हैं। 17 फरवरी 2025 एनजीटी की सुनवाई, जहाँ पुरानी रिपोर्ट पर आपत्ति जताई गई। 28 फरवरी 2025 अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित। यूपीपीसीबी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि हाल के पानी के नमूनों की रिपोर्ट उपलब्ध है और इसे एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट के साथ जमा किया जाएगा। राज्य सरकार ने कहा, “हर गड़बड़ी की निगरानी और सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।” उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि सीपीसीबी की रिपोर्ट की गहन जाँच की जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन एनजीटी ने सख्ती से कहा, “नदी में कहीं भी प्रदूषण होने का मतलब है कि पूरी नदी प्रदूषित है।” इसके बावजूद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खराब पानी की गुणवत्ता की खबरों को विपक्ष का प्रचार बताया और दावा किया कि महाकुंभ के दौरान पानी स्नान और 'आचमन' (पवित्र जल पीने) के लिए उपयुक्त है। फीकल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया विवाद सीपीसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रयागराज के कई स्थानों पर पानी स्नान के प्राथमिक मानकों को पूरा नहीं करता, क्योंकि इसमें फीकल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा अधिक है, जो सीवेज प्रदूषण का संकेत है। रिपोर्ट में कहा गया कि कई मौकों पर पानी स्नान के लिए अयोग्य पाया गया। मुख्य बिंदु विवरण फीकल कॉलिफॉर्म क्या है? यह बैक्टीरिया सीवेज या मल से उत्पन्न होता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। प्रभाव स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। स्थान प्रयागराज के संगम क्षेत्र में कई जगहों पर प्रदूषण की पुष्टि। एनजीटी की सुनवाई और निर्देश 17 फरवरी की सुनवाई में एनजीटी ने देखा कि यूपीपीसीबी ने पहले के आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें व्यापक कार्रवाई रिपोर्ट माँगी गई थी। बोर्ड ने केवल एक कवरिंग लेटर और कुछ परीक्षण रिपोर्ट जमा कीं, जिनमें अभी भी कई स्थानों पर फीकल बैक्टीरिया की उच्च मात्रा दिखाई गई। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की बेंच इस मामले की समीक्षा कर रही है। अधिकरण ने यूपीपीसीबी से पूछा, “यह कैसी रिपोर्ट है? 250 पन्नों में फीकल कॉलिफॉर्म की कोई जानकारी नहीं है।” आगे की कार्रवाई यूपीपीसीबी ने अदालत को बताया कि उनके पास नवीनतम पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट उपलब्ध है। एनजीटी ने इसे एक सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। सीपीसीबी रिपोर्ट का निष्कर्ष सीपीसीबी की रिपोर्ट में कहा गया, “प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान नदी के पानी की गुणवत्ता फीकल कॉलिफॉर्म के मामले में स्नान के लिए मानकों को पूरा नहीं करती। खासकर शुभ स्नान के दिनों में लाखों लोग नदी में स्नान करते हैं, जिससे फीकल कॉलिफॉर्म की मात्रा बढ़ जाती है।”

महाकुंभ के पानी में क्या छुपा है ?

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की कड़ी आलोचना की है। यह आलोचना प्रयागराज के संगम से लिए गए पुराने पानी के नमूनों की रिपोर्ट जमा करने के लिए की गई। यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक रिपोर्ट

त्रिवेणी संगम प्रयागराज से लाए गए जल से कैदियों और बंदियां को कराया गया स्नान

हमीरपुर जिला कारागार का मामला जिला कारागार में 800 से अधिक कैदियों व बंधिया को कराया गया स्नान, 22 महिलाओं व दो बच्चो के स्नान के लिए की गई थी अलग व्यवस्था, जेल प्रशासन के द्वारा जेल के अंदर किया गया त्रिवेणी संगम प्रयागराज के जल से स्नान की व्यवस्था,

सड़क हादसे में 5 तीर्थयात्रियों की मौत

मिर्जापुर: प्रयागराज महाकुम्भ से काशी दर्शन को आ रहे विदुर कर्नाटक के तीर्थयात्रियों संग भीषण सड़क हादसा हुआ। सड़क हादसे में 5 तीर्थयात्रियों की मौत, बतायी जा रही है वही सात घायलों का चल रहा इलाज,हालत गंभीर वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर भड़ेहरा गांव के सामने शुक्रवार को

महाकुंभ के आखिरी सप्ताह में बढ़ेगी भीड़, प्रशासन ने किए सुरक्षा के विशेष इंतजाम

महाकुंभ नगरः महाकुंभ में अभी तक करोड़ों लोग स्नान कर चुके है। वहीं अब महाकुंभ समापन की ओर है ऐसे में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम कर लिए है। बता दें कि पूर्व में कुंभ में आग और भगदड़ जैसी

UP Budget Highlights: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख बिंदु

लखनऊ: वित्तीय वर्ष 2025-26 का यह बजट सनातन संस्कृति की सर्वे भवन्तु सुखिनः की अवधारणा के अनुरूप गरीब, अन्नदाता किसान, युवा और महिला उत्थान को समर्पित है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न को साकार करते हुए ‘वंचित को वरीयता इस बजट का केंद्रीय भाव है। ● इस

UP Budget Highlights

UP Budget Highlights: वित्त मंत्री के उद्बोधन के प्रमुख अंश

● नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक की अवधि के लिये राज्यों की राजकोषीय स्थिति के संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की गयी है, जिसमें उत्तर प्रदेश को अग्रणी (फंट रनर) राज्य की श्रेणी में रखा गया है। ● समेकित “फिस्कल हेल्थ इन्डेक्स” जो वर्ष 2014

MUZAFFAR NAGAR: Bride's death kidnapping or conspiracy

MUZAFFAR NAGAR: दुल्हन की मौत, अपहरण या साजिश ?

मुजफ्फरनगर में शादी के दिन हार्ट अटैक से मौत का नाटक कर फरार हुई दुल्हन को पुलिस ने झांसी के पास एक आश्रम से गिरफ्तार कर लिया है। मुजफ्फरनगर पुलिस अब युवती से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी है। बताया जाता है कि, दुल्हन

CM Yogi answered the opposition's questions regarding Maha Kumbh

महाकुम्भ को लेकर विपक्ष के सवालों पर सीएम योगी ने दिया जवाब

लखनऊ, 19 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान महाकुम्भ 2025 के दिव्य-भव्य आयोजन और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए कुम्भ 2013 की अव्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान आयोजित हुए कुम्भ 2013 में हुए भ्रष्टाचार