
पहलगाम आतंकी हमला: कैसे ‘कलमा’ पढ़कर असम के प्रोफेसर ने बचाई अपनी जान
मुख्य बिंदु: क्या हुआ था पहलगाम में? 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकियों ने अचानक गोलियां चलाकर 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसी भीड़ में असम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य भी मौजूद थे, जो अपने परिवार के साथ घूमने आए थे।











