Isa Ahmad
REPORT- SANJEEV KUMAR
धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो इन दिनों विवादों के केंद्र में हैं। बोकारो स्टील की जमीन पर बसे अतिक्रमणकारियों के पक्ष में दिए गए उनके बयान ने विस्थापित परिवारों और ग्रामीणों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। इसी विरोध को जताने के लिए ग्रामीणों और विस्थापितों ने चास स्थित आईटीआई मोड़ पर सांसद का पुतला दहन किया और जोरदार नारेबाजी की।
विस्थापितों का आरोप: “सांसद विकास विरोधी मानसिकता दिखा रहे हैं”
प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों ने कहा कि सांसद का बयान न केवल विस्थापितों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करता है, बल्कि मुद्दों की गंभीरता को भी हल्का दिखाता है। उनका कहना था-
- “ढुलू महतो विकास की बात नहीं कर रहे, बल्कि विकास विरोधी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।”
- “यदि उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला तो उनके हर कार्यक्रम में विरोध होगा।”
- “पुतला दहन और काला झंडा दिखाकर विरोध जताते रहेंगे।”
“जमीन हमारी गई, दर्द हमें है… सांसद को क्यों तकलीफ़?”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट बनने के समय उनकी जमीनें ली गई थीं, लेकिन आज भी वे पूर्ण रूप से पुनर्वास और अधिकारों से वंचित हैं। उनका आरोप था-
- “जमीन हमारे बाप-दादा की गई है, सांसद को इसमें दर्द क्यों होना चाहिए?”
- “उन्हें बोकारो से कोई लेना–देना नहीं, फिर भी वे विस्थापितों के खिलाफ बयान देकर हमें कमजोर कर रहे हैं।”
- “विस्थापितों की बात उठाकर चुनाव जीते, लेकिन अब हमें सिर्फ ठग रहे हैं।”
असंतोष बढ़ता हुआ, आगे और तेज़ हो सकता है आंदोलन
सांसद के बयान के बाद विस्थापितों के बीच गुस्सा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो विरोध और उग्र हो सकता है। विस्थापितों ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सांसद के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उनका सक्रिय विरोध किया जाएगा।





