by: vijay nandan
भिंड: बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और भिंड कलेक्टर संजीत श्रीवास्तव के बीच जोरदार टकराव हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि विधायक ने कलेक्टर पर हाथ उठाने तक की कोशिश की। इस दौरान कलेक्टर ने भी दो टूक कहा – “मैं चोरी नहीं करने दूंगा”। इसी पर विधायक भड़क गए और उन्हें “सबसे बड़ा चोर” कहकर ललकारने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
कलेक्टर के घर में घुसे विधायक
विधायक अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर के आवास पर पहुंचे थे। दरवाजे पर जैसे ही दोनों आमने-सामने हुए, बहस शुरू हो गई। तीखी नोकझोंक के बीच कलेक्टर अंदर चले गए, लेकिन विधायक गुस्से में उनके घर के भीतर तक घुस गए। इसके बाद दोनों के बीच फिर से जमकर तकरार हुई। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बाहर समर्थकों की नारेबाजी
कलेक्टर के घर के बाहर विधायक के समर्थक लगातार नारे लगाते रहे। वे प्रशासन के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान विधायक भीड़ को उकसाते हुए कलेक्टर को “हिटलर” बताते रहे। वहीं, कलेक्टर वीडियो बनाने वालों पर भड़कते नजर आए और कहा कि – “मेरे घर के अंदर घुसकर वीडियो क्यों बना रहे हो?”
विवाद की जड़ – खाद का संकट
इस पूरे हंगामे के पीछे किसानों की खाद समस्या बताई जा रही है। विधायक का आरोप है कि जिले में किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। रात-दिन लाइन में लगने के बावजूद उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल रही। जबकि प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है। कुशवाहा ने यहां तक कहा कि किसानों के हिस्से की खाद काले बाजार में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।
प्रशासन की मशक्कत से थमी स्थिति
धरने और हंगामे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि विधायक ने साफ कहा कि प्रशासन भ्रष्टाचार में डूबा है और किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। बहस के बाद कलेक्टर बंगले के बाहर विधायक नरेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हालांकि बाद में प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल व सीएम के ओसएडी द्वारा दिए आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
पुराने विवादों से भी रहे हैं सुर्खियों में
यह पहली बार नहीं है जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हों। लगभग नौ साल पहले भी वे किसानों और आम जनता की परेशानियों को लेकर मंच से खुलकर विरोध जता चुके हैं। उनके इस आक्रामक रवैये को लेकर भाजपा के भीतर भी समय-समय पर मतभेद की स्थिति बनी रही है।





