BJP AND CPC MEETING : बीजेपी हेडक्वार्टर में CPC प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात पर उठे सवाल
BJP AND CPC MEETING : नई दिल्ली, कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के बीच हुई हालिया बैठक को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और चीन के बीच किसी “गुप्त समझौते” की आशंका को नकारा नहीं जा सकता, खासकर ऐसे समय में जब चीन जम्मू-कश्मीर के शक्सगाम घाटी क्षेत्र पर अपना दावा दोहरा रहा है।
12 जनवरी को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और भाजपा नेताओं के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

BJP AND CPC MEETING : कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का हमला
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि भाजपा और चीन के बीच किस तरह का संवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब चीन भारत की संप्रभुता को चुनौती दे रहा है, ऐसे समय में भाजपा नेताओं की CPC से मुलाकात कई संदेह खड़े करती है।
BJP AND CPC MEETING : शक्सगाम घाटी पर चीन कर रहा दावा
कांग्रेस ने इस बैठक को चीन के उस बयान से जोड़कर देखा, जिसमें चीनी विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को चीन का हिस्सा बताया है। पार्टी के अनुसार, यह बयान भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है।
कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट से चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग का एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें वह कहती नजर आती हैं कि शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है और वहां बुनियादी ढांचे का विकास करना उसका अधिकार है।
BJP AND CPC MEETING : विदेश नीति पर सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “लाल आंख” वाली नीति कहां गई। पार्टी का आरोप है कि चीन लगातार भारत की जमीन पर दावा कर रहा है, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया कमजोर नजर आ रही है।
BJP AND CPC MEETING : बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ
भाजपा मुख्यालय में हुई इस बैठक में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुन हेयान ने किया, जो CPC के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट में वाइस मिनिस्टर हैं। भाजपा की ओर से राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बैठक में भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाला भी मौजूद थे।
बैठक में भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग की भी उपस्थिति रही। भाजपा नेताओं के अनुसार, इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच अंतर-दलीय संवाद को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
BJP AND CPC MEETING : चीन-पाक आर्थिक गलियारे से जुड़ा विवाद
गौरतलब है कि शक्सगाम घाटी से होकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की सड़क गुजरती है, जिस पर भारत पहले से ही आपत्ति जताता रहा है। भारत सरकार कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी गतिविधि को वह अवैध मानती है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों के बीच भाजपा और CPC की मुलाकात देशहित में कई सवाल खड़े करती है, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए।
संपादकीय नजरिया;
भारतीय जनता पार्टी लंबे अरसे से कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर चीन से कथित नजदीकी के आरोप लगाती रही है। कभी डोकलाम का मुद्दा हो, कभी गलवान की झड़प, तो कभी राहुल गांधी की विदेश यात्राएं को लेकर, हर मौके पर बीजेपी ने कांग्रेस को राष्ट्रहित के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की है, लेकिन अब तस्वीर पलटती नजर आ रही है। दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी यानि CPC के डेलीगेशन से हुई मुलाकात ने खुद बीजेपी को विपक्ष के कठघरे में ला खड़ा कर दिया है।
ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब चीन जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर अपना दावा दोहरा रहा है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भाजपा और CPC के बीच संवाद कई सवाल खड़े करता है। सरकार और पार्टी के बीच अंतर की दलील दी जा सकती है, लेकिन विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोहरा संदेश जनता में भ्रम पैदा करता है। यदि संवाद गलत नहीं है, तो भाजपा को वही मापदंड अपने लिए भी अपनाने होंगे, जो वह वर्षों से कांग्रेस पर लागू करती आई है। जवाबदेही राजनीति की बुनियाद है।
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