BY: Yoganand Shrivastva
मध्य प्रदेश सरकार ने ‘लव जिहाद’ के मामलों पर रोक लगाने के लिए अब जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। रक्षाबंधन के मौके पर खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में हजारों महिलाओं से मुलाकात की, राखी बंधवाई और उन्हें इस सामाजिक मुद्दे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई।
इस दौरान महिलाओं को एक फॉर्म भी दिया गया, जिसमें वे लव जिहाद से निपटने और पीड़िताओं की मदद करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्ज करा सकती हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू हुए चार साल हो चुके हैं, लेकिन राज्य में ‘लव जिहाद’ के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक अवसर का उपयोग करते हुए घर-घर जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया।
मंत्री सारंग का कहना है कि यह अभियान सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं और लड़कियों को कानूनी सहायता, सुरक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए संगठित प्रयास किए जाएंगे।
महिलाओं को दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने संकल्प लिया कि—
- वे लव जिहाद में फंसी पीड़िताओं की कानूनी लड़ाई में साथ देंगी।
- ऐसे मामलों के खिलाफ सामाजिक और कानूनी स्तर पर आवाज़ उठाएंगी।
- अपने आसपास जागरूकता फैलाकर अन्य हिंदू लड़कियों को इस जाल में फंसने से बचाएंगी।
महिलाओं ने यह भी साझा किया कि किस तरह शहरों और कस्बों में ऐसे मामलों की गंभीरता बढ़ रही है और समय रहते चेतावनी देना जरूरी है।
चौंकाने वाले आंकड़े
राज्य विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च 2021 से अब तक 283 लव जिहाद से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 74 केस नाबालिग लड़कियों से संबंधित हैं।
शहरवार आंकड़े बताते हैं कि—
- इंदौर में सबसे ज्यादा 58 मामले दर्ज हुए।
- भोपाल में 33 मामले सामने आए, जो राज्य में दूसरे स्थान पर है।
सरकार के मुताबिक, सबसे अधिक घटनाएं शहरी इलाकों में दर्ज की गई हैं, खासकर वहां जहां पढ़ाई या नौकरी के लिए आई युवतियों को निशाना बनाया गया।





