भारत सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सर्वम AI नामक स्टार्टअप को देश का पहला स्वदेशी फाउंडेशनल AI मॉडल विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह मॉडल ठीक OpenAI के ChatGPT जैसा होगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि 67 प्रस्तावों में से सर्वम AI को चुना गया है और यह कंपनी 6 महीने के भीतर इस प्लेटफॉर्म को तैयार कर देगी।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
- स्वदेशी AI विकास: भारत अब वैश्विक AI दौड़ में शामिल हो रहा है और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करेगा।
- वैश्विक AI मॉडल्स से टक्कर: सरकार को विश्वास है कि सर्वम का AI मॉडल GPT-4 और Gemini जैसे वैश्विक मॉडल्स के बराबर होगा।
- बड़ा फंडिंग सपोर्ट: यह प्रोजेक्ट ₹10,300 करोड़ के IndiaAI मिशन का हिस्सा है, जिसे इसी साल मंजूरी मिली थी।
सर्वम AI प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
1. तीन अलग-अलग AI मॉडल्स पर काम
सर्वम AI के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने बताया कि कंपनी तीन अलग AI मॉडल बना रही है, जो भारतीय भाषाओं और जरूरतों के अनुकूल होंगे।
2. तेजी से विकास के लिए 400 GPU आवंटित
AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए सरकार ने 400 हाई-परफॉर्मेंस GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) उपलब्ध कराए हैं। ये GPU 70 अरब पैरामीटर्स वाले AI मॉडल को ट्रेन करने में मदद करेंगे।
3. बड़े निवेशकों का समर्थन
सर्वम AI, जिसकी स्थापना विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार ने की है, ने $41 मिलियन (लगभग ₹340 करोड़) का निवेश Lightspeed, Peak XV Partners और खोसला वेंचर्स से जुटाया है।

भारत का व्यापक AI प्लान
IndiaAI मिशन: ₹10,300 करोड़ का निवेश
मोदी सरकार का IndiaAI मिशन निम्नलिखित लक्ष्यों पर काम कर रहा है:
- 3-5 साल में भारत में GPU बनाना
- AIKosha लॉन्च करना, जो AI ट्रेनिंग के लिए डेटा उपलब्ध कराएगा।
- AI Compute Portal के जरिए कंपनियों को सस्ती दर पर GPU उपलब्ध कराना (अभी तक 14,000 GPU लाइव हो चुके हैं)।
आगे क्या होगा?
- 2-3 और AI स्टार्टअप्स जल्द ही इस प्रोग्राम से जुड़ेंगे।
- AI कंप्यूटिंग का विस्तार: रिसर्च और इनोवेशन के लिए और GPU जोड़े जाएंगे।
बड़ी तस्वीर: भारत का टेक भविष्य
यह सिर्फ AI के बारे में नहीं है—यह तकनीकी संप्रभुता के बारे में है। सर्वम AI जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ, भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि वह AI क्रांति में पीछे न रह जाए।
क्या भारत का AI मॉडल ChatGPT को पछाड़ पाएगा? समय बताएगा, लेकिन आत्मनिर्भर AI इकोसिस्टम की नींव पड़ चुकी है।




