Report: Punit sen
Anuppur: जिले के पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोशल मीडिया पर एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) का विवादित वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में पुलिस अधिकारी पत्रकारों और समाचार पत्रों के अस्तित्व पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जांच की बात कही है।
क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?
Anuppur वायरल वीडियो वर्तमान में भालूमाडा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ एएसआई विपुल शुक्ला का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो उस समय का है जब वे जैतहरी थाने में पदस्थ थे। एक स्थानीय ग्रामीण पत्रकार ने उपसरपंच द्वारा दी जा रही जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच विपुल शुक्ला को सौंपी गई थी, लेकिन आरोप है कि वे न्याय दिलाने के बजाय आरोपी का पक्ष लेने पत्रकार के घर पहुंच गए और वहां पत्रकारिता को लेकर ‘रद्दी’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।

“पत्रकारिता रद्दी के भाव है”: एएसआई के बिगड़े बोल
Anuppur सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में पुलिस अधिकारी को यह कहते सुना जा सकता है कि अखबार और पत्रकार की औकात महज दो रुपये की है और बाद में यह रद्दी के भाव पांच रुपये किलो बिकता है। एक लोक सेवक द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रति इस तरह की “बेहूदा” और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर जिले के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा- “अमर्यादित भाषा बर्दाश्त नहीं”
Anuppur मामले की गंभीरता को देखते हुए अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनूपपुर पुलिस सदैव पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान के साथ खड़ी है। एसपी ने कहा, “पत्रकारिता के विरुद्ध इस तरह की भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस अधिकारी चाहे कार्यालय में हो या मैदान में, उन्हें अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इस प्रकरण की विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”





