BY: Yoganand Shrivastva
अलीगढ़: 28 वर्षीय महिला कॉन्स्टेबल हेमलता की आत्महत्या के मामले में अब दरोगा और सिपाही के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। घटना को लेकर हेमलता के भाई उपेंद्र सिंह ने पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों ने हेमलता और उनके परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जान से मारने की धमकी दी और उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया।
हेमलता आगरा के किरावली क्षेत्र के गांव बैमन की रहने वाली थीं। वह 2016 बैच की सिपाही थीं और अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात थीं। 29 नवंबर को उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके आत्महत्या से पहले वॉट्सऐप पर स्टेटस भी पोस्ट किया गया था, जिसे उनकी साथी महिला सिपाही ने देखा। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर हेमलता को फंदे से उतारा और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के पीछे का विवाद:
उपेंद्र सिंह के अनुसार, हेमलता का पहले पन्नादेवी थाने में तैनात दरोगा संदीप कुमार के साथ रिश्ता चल रहा था, लेकिन उनका ट्रांसफर होने के बाद संपर्क टूट गया। इसके बाद हेमलता की नजदीकी सिपाही कुलवीर बालियान से बढ़ गई और दोनों शादी के लिए सहमत हुए।
हालांकि, हेमलता की दरोगा से पुरानी बातचीत और चैटिंग की जानकारी कुलवीर को लगी। इसके बाद कुलवीर और दरोगा ने मिलकर हेमलता और उसके परिवार को मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से परेशान करना शुरू किया। दोनों ने परिवार को भी जान से मारने की धमकी दी। इस दबाव और डर के कारण हेमलता अवसाद में चली गईं। 29 नवंबर को हेमलता ने पिता को फोन कर बताया कि वह छुट्टी लेकर आ रही हैं और कुलवीर भी आएगा। कुछ समय बाद थाने से फोन आया कि हेमलता ने आत्महत्या कर ली है। हेमलता ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि “किसी को हर्ट नहीं करना चाहती… माफ कर देना।”





