अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में मंगलवार शाम एक और भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 दर्ज की गई। तेज झटकों के बाद लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। पिछले 48 घंटों में यह देश का दूसरा बड़ा भूकंप है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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कितना हुआ नुकसान?
फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन लगातार आ रहे झटकों से लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
हिंदू कुश क्षेत्र क्यों है महत्वपूर्ण?
- हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला अफगानिस्तान की भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है।
- यह पर्वत श्रृंखला अफगानिस्तान को पाकिस्तान और मध्य एशियाई देशों से जोड़ती है।
- इसी क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, जिससे यह जगह भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है।
रविवार को आया था 6.0 तीव्रता का भूकंप
- रविवार देर रात 6.0 तीव्रता का भूकंप नंगरहार और कुनार प्रांतों में आया था।
- इसका केंद्र जलालाबाद से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में, 8–10 किलोमीटर गहराई पर था।
- इस भीषण भूकंप में करीब 1400 लोगों की मौत हुई और 3000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगातार भूकंप से बढ़ी चिंता
अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों से भूकंप की बड़ी त्रासदियों का सामना कर रहा है। हालिया झटकों ने एक बार फिर वहां के लोगों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू कुश क्षेत्र का सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र होने के कारण यहां अक्सर तेज झटके महसूस किए जाते हैं।





