रिपोर्टर: उमेश डहरिया
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी अंचलों के विकास को नई दिशा देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कोरबा जिले में आयोजित मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में संसाधनों की किसी भी प्रकार से कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने सरगुजा, बस्तर और मध्य क्षेत्र के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरण गठित किए हैं, ताकि योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।
शिक्षा और खेल के लिए बड़ा कदम
बैठक में विशेष रूप से शिक्षा और खेल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके तहत:
- बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपए स्वीकृत।
- विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने हेतु 10-10 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपए स्वीकृत।
इन फैसलों से न केवल आदिवासी बच्चों और युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा।
बजट में हुआ इजाफा
आदिवासी विकास प्राधिकरण के बजट में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है।
- पहले यह 50 करोड़ रुपए था।
- अब इसे बढ़ाकर 75 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बढ़े हुए बजट से शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई जैसी योजनाओं को गति मिलेगी और आदिवासी समाज को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा
“इन फैसलों से आदिवासी समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास की गति भी तेज होगी।”





