रिपोर्ट: आज़ाद सक्सेना
छत्तीसगढ़ के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर और अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक और रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। ग्राम पल्लेवाया में दंतेवाड़ा पुलिस और CRPF की 165वीं बटालियन ने नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किया है। यह कदम बीहड़ क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास दोनों को गति देने वाला माना जा रहा है।
नियद नेल्लानार योजना के तहत नई पहल
“नियद नेल्लानार” योजना के तहत स्थापित यह कैंप अबूझमाड़ के ग्रामीण इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। जिन क्षेत्रों को कभी माओवाद का कोर ज़ोन माना जाता था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और पीडीएस जैसी सुविधाओं तक पहुँच आसान होगी।

समन्वय से साकार हुई बड़ी कार्रवाई
FOB की स्थापना दंतेवाड़ा पुलिस, बीजापुर पुलिस, CRPF 165वीं बटालियन, कोबरा 201, यंग प्लाटून इकाइयों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से हुई। कैंप निर्माण के दौरान इलाके में मौजूद नक्सली स्मारकों को भी ध्वस्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का प्रभाव और मजबूत हुआ।
कठिन परिस्थितियों में तेजी से निर्माण कार्य
कठिन पहाड़ी भू-भाग और प्रतिकूल मौसम के बीच भी सुरक्षा बलों ने 04 दिसंबर 2025 को कैंप स्थापित कर तेजी से निर्माण कार्य शुरू किया। यह कदम अबूझमाड़ के भीतरी हिस्सों में सुरक्षा, शांति और विकास पहुँचाने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
नक्सलवाद समाप्ति के राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूती
यह पहल केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य को बल देती है। “विकास ही सुरक्षा” की नीति को साकार करने के लिए यह FOB एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।





