BY: MOHIT JAIN
दीपावली से पहले बड़ी कार्रवाई
जैसै-जैसे दीपावली करीब आ रही है ग्वालियर में मिलावटखोरों पर पुलिस और खाद्य विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह सिरोल थाना पुलिस ने भिंड से आए 1040 किलो मिलावटी मावे को जब्त किया। यह मावा शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाने वाला था।
कैसे पकड़ा गया मावा?

पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि भिंड से मिलावटी मावा ग्वालियर भेजा जा रहा है। इसी आधार पर हुरावली रोड के बी ब्लॉक इलाके में दबिश दी गई। यहां से एक बिना नंबर की पिकअप और दो ऑटो को रोका गया। वाहनों से 26 डलिया मावा बरामद हुआ, जिसका वजन करीब 1040 किलो निकला।
सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली के अनुसार, यह कार्रवाई सुबह 9:30 बजे की गई थी। पकड़े गए वाहन और मावा थाने लाकर जब्त किए गए और तुरंत खाद्य विभाग को इसकी सूचना दी गई।
खाद्य विभाग ने लिए सैंपल
घटना की जानकारी मिलने पर खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मावे के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल तीनों चालकों से बाउंड ओवर भरवाकर मावे की डलियां उनके सुपुर्द कर दी गई हैं।
चालक कौन थे?
पकड़े गए चालकों की पहचान इस तरह हुई है, रवि यादव (35) भिंड जिले के मौ कस्बे का रहने वाला है, वहीं रवि कुशवाहा (32) गंगा मालनपुर का निवासी है और जितेंद्र रजक (30) मुरैना के ग्राम अर्दोनी सनीचरा का रहने वाला है। तीनों चालकों का कहना है कि वे केवल मावे की डलियां ग्वालियर पहुंचाने आए थे।
त्योहारों में बढ़ जाती है मिलावट

दीपावली के समय मावा, मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग बहुत बढ़ जाती है। इसी मौके का फायदा उठाकर कई व्यापारी मिलावटी मावा और नकली मिठाइयों की सप्लाई करने लगते हैं। यही वजह है कि इस सीजन में खाद्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई तेज हो जाती है।
ग्राहकों को भी सावधान रहना चाहिए। मिठाई और मावा हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें। अगर किसी जगह क्वालिटी पर शक हो तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। सस्ती कीमत और अजीब रंग-गंध वाले मावे से बचना ही बेहतर है।
ग्वालियर पुलिस और खाद्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने त्योहारों पर सक्रिय मिलावटखोरों के इरादों पर बड़ा वार किया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे साफ होगा कि पकड़ा गया मावा कितना खतरनाक है। ग्राहकों के लिए यह चेतावनी है कि दीपावली की मिठास कहीं स्वास्थ्य पर भारी न पड़ जाए।





