by: vijay nandan
वॉशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयानों को झूठा और भ्रामक बताया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने शनिवार को UN मंच पर कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी विदेश नीति का हिस्सा बना चुका है और झूठ तथा ड्रामों से सच्चाई को नहीं छिपाया जा सकता।

भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन का जिक्र
गहलोत ने शरीफ के “संघर्ष में जीत” के दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि मई में पाकिस्तान लगातार भारत को धमकियां दे रहा था, लेकिन भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में उसके कई एयरबेस नष्ट कर दिए। “अगर जले हुए हवाई अड्डों को पाकिस्तान जीत मानता है, तो उसे जश्न मनाना चाहिए,” उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा।
तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं – भारत
भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ सभी विवादित मुद्दे द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाए जाएंगे और इसमें किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है। गहलोत ने पाकिस्तान के शांति के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसका देश नफरत और हिंसा को बढ़ावा देता है।
आतंकवादियों को सम्मान देने का आरोप
गहलोत ने UN में आरोप लगाया कि पाकिस्तान न केवल आतंकवादियों को पनाह देता है बल्कि उन्हें सम्मान भी देता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान बहावलपुर और मुरीदके में मारे गए आतंकवादियों को पाकिस्तानी सेना और अफसरों ने श्रद्धांजलि दी थी।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
भारत ने कहा कि बेगुनाह लोगों पर हमले करने वाले आतंकियों को जवाब देना और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करना उसकी जिम्मेदारी है। गहलोत ने मांग की कि पाकिस्तान तुरंत सभी आतंकी शिविर बंद करे और अपराधियों को भारत के हवाले करे। उन्होंने साफ कहा कि भारत ‘परमाणु ब्लैकमेल’ के आगे झुके बिना आतंकियों और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराएगा।
ओसामा बिन लादेन का मुद्दा भी उठा
गहलोत ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक छिपाकर रखा था और हाल ही में UN सुरक्षा परिषद में एक आतंकी संगठन को बचाया। “यह वही पाकिस्तान है जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को पीड़ित दिखाता है,” उन्होंने कहा।
#WATCH | New York | Exercising the right of reply of India on Pakistan PM Shehbaz Sharif's speech, First Secretary in India's Permanent Mission to the UN, Petal Gahlot says, "Where terrorism is concerned, we are making it clear that there will be no distinction between the… pic.twitter.com/ntcHcYab4m
— ANI (@ANI) September 27, 2025
शरीफ का कश्मीर और हिंदुत्व पर बयान
दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में हर साल की तरह कश्मीर मुद्दा उठाया। उन्होंने जनमत संग्रह की मांग की और भारत पर “कट्टरपंथी हिंदुत्व” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान आतंकवाद की निंदा करता है और आतंकी संगठनों को विदेशी समर्थन मिलता है। भारत ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद रोकने की सलाह दी।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर किया था करारा प्रहार
मई 2025 में भारतीय सुरक्षा बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर एक बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में भारत ने सीमा पार स्थित आतंकवादी शिविरों, कमांड सेंटरों और उनसे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में उन ठिकानों को टारगेट किया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिशें रची जा रही थीं। कई प्रशिक्षण शिविर, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और संदिग्ध सपोर्ट ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए। इस दौरान कुछ ऐसे हवाई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क को रसद और सुरक्षा देने में किया जा रहा था।

भारतीय पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन भारत ने साफ किया कि वह केवल आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साध रहा है, न कि आम नागरिकों पर। इस कार्रवाई को लेकर दोनों देशों में बयानबाज़ी तेज़ रही, लेकिन भारत ने दोहराया कि सीमा पार से आतंकवाद को खत्म करना उसकी प्राथमिकता है और इस तरह के अभियानों का उद्देश्य आतंकियों और उनके ठिकानों को निष्क्रिय करना है।





