BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर: आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस सम्मेलन में देशभर से आए 125 से अधिक ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, 25 प्रमुख निवेशक और 500 से अधिक हितधारक शामिल हुए। कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन में निवेश के अवसरों पर गहन चर्चा हुई और बड़े पैमाने पर निवेश की मंशा जाहिर की गई।
3500 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, नए रोजगार के अवसर
ग्वालियर–चंबल और सागर संभाग में पर्यटन विकास को गति देने के लिए ₹3500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित किया गया है। यह ऐतिहासिक निवेश दोनों संभागों के लिए रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर प्रदान करेगा।
प्रमुख निवेशकों में सर्वेल लैंड डेवलपर्स, श्रुति इंफ्रास्ट्रक्चर, ज़ोन बाय द पार्क, सोनिया लॉजिंग, लायन ग्रुप और कई बड़े होटल एवं रिसॉर्ट समूह शामिल हैं।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए LOA जारी
पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 7 परियोजनाओं को 6 निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र (LOA) दिए गए। इन परियोजनाओं में इको-टूरिज्म यूनिट, होटल और रिसॉर्ट शामिल होंगे, जिन पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा।
इन निवेशों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
ग्वालियर–चंबल क्षेत्र में पर्यटन और विरासत संरक्षण के कदम
इस कॉन्क्लेव के दौरान विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और विमोचन किया गया:
- फूलबाग क्षेत्र में 17 करोड़ रुपये के विकास कार्य: ऐतिहासिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, बैजा ताल और इटालियन गार्डन का नवीनीकरण और ई-विंटेज कार टूर की शुरुआत।
- राजा मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय में 58.46 करोड़ रुपये की परियोजना: नए अकादमिक भवन, छात्रावास और सभागार का निर्माण।
- Craftgroom ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म: राज्य के शिल्पकारों के उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल, जिससे शिल्पकारों को सीधा लाभ मिलेगा।
- ग्वालियर किले का संरक्षण: इंडिगो के CSR सहयोग और आगा खान ट्रस्ट की साझेदारी में किले के सौंदर्यीकरण और संरक्षण की नई कार्ययोजना का विमोचन।
डिजिटल प्रचार और साझेदारियां
पर्यटन स्थलों और गतिविधियों को डिजिटल स्तर पर बढ़ावा देने के लिए याप डिजिटल, क्रायोन्स एडवरटाइजिंग, ज़ी एंटरटेनमेंट और कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स के साथ एमओयू किए गए हैं। यह समझौते निवेशकों और स्थानीय कलाकारों दोनों को लाभान्वित करेंगे।
पर्यटन नीतियों में सुधार
मध्य प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र को निवेशकों के लिए और आकर्षक बनाने के लिए अपनी पर्यटन नीति 2025 को अद्यतन किया है:
- निवेश परियोजनाओं की अनुमतियों की प्रक्रिया 30 दिन से घटाकर 10 दिन में पूरी होगी।
- 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले निवेशकों को सीधे भूमि आवंटन और 90 साल की लीज का प्रावधान।
- फिल्म निर्माण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और आकर्षक प्रोत्साहन।
- ग्रामीण पर्यटन नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे की सुविधा, जिससे स्थानीय महिलाओं और समुदायों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
मध्य प्रदेश को “फिल्म फ्रेंडली स्टेट” का दर्जा
अब तक 450 से अधिक फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग मध्य प्रदेश में हो चुकी है। नई फिल्म नीति 2025 से प्रदेश में फिल्म निर्माण को आसान बनाया गया है, जिससे स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को नए अवसर मिलेंगे।
निवेशकों का भरोसा और राज्य की प्रतिबद्धता
कॉन्क्लेव में नीमराना होटल्स, ज़ोन बाय द पार्क, लायन ग्रुप, मॉडर्न ग्रुप जैसी शीर्ष कंपनियों के निवेशकों ने राज्य की नीतियों की सराहना की और पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के लिए अपने योगदान की प्रतिबद्धता दोहराई।





