प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना 2 दिवसीय जापान दौरा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस यात्रा के बाद वह चीन के तिआनजिन शहर रवाना हो गए हैं, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 में हिस्सा लेंगे।
जापान दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी का यह जापान दौरा भारत-जापान सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने इसे “अत्यंत सफल” करार देते हुए कहा कि इसने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
- दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
- टेक्नोलॉजी, रक्षा और निवेश के क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलीं।
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर अहम सहमति बनी।
अब चीन में SCO शिखर सम्मेलन
जापान दौरे के तुरंत बाद पीएम मोदी अब चीन के तिआनजिन में आयोजित होने वाले SCO समिट 2025 में शामिल होंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कई वैश्विक नेताओं से होगी।
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता।
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात।
- सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:
“जापान की एक अत्यंत सफल यात्रा संपन्न हुई। इसने भारत-जापान सहयोग को और गहरा करने के लिए आगे का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तिआनजिन, चीन के लिए रवाना हो गए हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा एशियाई राजनीति और कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जापान के साथ मजबूत रिश्तों के बाद अब चीन में होने वाला SCO शिखर सम्मेलन भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को और मजबूती देगा।





