BY: Yoganand Shrivastva
फतेहपुर | उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक अस्पताल का चपरासी प्रमोद कुमार चौधरी अधिकारी बनकर कैबिनेट मंत्री और अन्य नेताओं को अस्पताल का दौरा करा गया। यह घटना 27 अगस्त की है, लेकिन जैसे ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तुरंत जांच शुरू की गई और आरोपी को जेल भेज दिया गया। वहीं, चीफ मेडिकल सुपरीटेंडेंट (CMS) पीके सिंह के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ मामला
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और पूर्व बिंदकी विधायक कारण सिंह पटेल अस्पताल में घायलों से मिलने आए थे। उस समय चपरासी प्रमोद कुमार ने अधिकारी बनकर उन्हें पूरे अस्पताल का भ्रमण कराया और फोन पर डॉक्टरों से डीलिंग भी की।
जांच में सामने आया कि चपरासी ने डॉक्टरों से इलाज और वसूली के काम में भी हाथ रखा। वह CMS का खास पीआरओ बनकर जिला अस्पताल के कार्यों और डॉक्टरों की गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था।
कैसे पकड़ा गया
बिंदकी तहसील के हरदौली गांव में कच्चे घर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। मंत्री राकेश सचान जब घायलों से मिलने आए, उस समय चपरासी ने उन्हें गलत जानकारी दी कि एक्स-रे और इलाज पूरा हो चुका है। मंत्री को यह देखकर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया।
पुलिस ने प्रमोद कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
CMS की मिलीभगत पर संदेह
शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि चपरासी ने CMS पीके सिंह की मदद से अधिकारी का भेष धारण किया था। वह उनके कमरे से डॉक्टरों से डीलिंग करता और वसूली भी करता था। अब CMS पीके सिंह के शामिल होने की जांच भी चल रही है।
दूसरा वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें चपरासी घायलों के परिजनों के साथ बैठकर डॉक्टरों पर आदेश देते हुए दिखाई दे रहा है। इस वीडियो से CMS की मिलीभगत की आशंका और बढ़ गई है।
CMS ने बताया कि प्रमोद कुमार के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच के बाद CMS की भूमिका का भी खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। अब अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।