BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के प्रमोशन मामले में अहम आदेश सुनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिफारिश को सामने लाए। यदि वानखेड़े का नाम प्रमोशन के लिए सुझाया गया है, तो उन्हें अतिरिक्त आयुक्त के पद पर पदोन्नति दी जाए।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने स्पष्ट किया कि अब तक वानखेड़े ने किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है। हालांकि उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है, लेकिन अब तक न तो उन्हें निलंबित किया गया है और न ही किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल हुई है।
कैट का आदेश बरकरार
यह फैसला केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के दिसंबर 2024 के आदेश को बरकरार रखते हुए दिया गया है। कैट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वानखेड़े के प्रमोशन से संबंधित सीलबंद लिफाफा खोला जाए। यदि UPSC ने उनका नाम सुझाया है, तो उन्हें 1 जनवरी 2021 से अतिरिक्त आयुक्त बनाया जाए।
सरकार की आपत्ति
केंद्र सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि समीर वानखेड़े के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं। FIR दर्ज होने के अलावा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने भी कभी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसी कारण उनका मामला सीलबंद लिफाफे में रखा गया था।
आर्यन खान केस से सुर्खियों में आए थे वानखेड़े
2008 बैच के IRS अधिकारी समीर वानखेड़े 2021 में तब चर्चा में आए जब एनसीबी मुंबई में तैनाती के दौरान उन्होंने क्रूज़ ड्रग्स मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया। उस समय उन पर परिवार से 25 करोड़ रुपये की वसूली की कोशिश का आरोप भी लगा था। इसी विवाद ने उन्हें सुर्खियों के केंद्र में ला दिया था।