अमेरिकी सरकार ने 6000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा रद्द कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि इनमें से कई छात्रों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया, कुछ वीजा खत्म होने के बाद भी रुके रहे, जबकि करीब 4000 छात्र आपराधिक और आतंकवाद से जुड़े मामलों में शामिल पाए गए।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि कुछ मामलों में आतंकवादी गतिविधियों का भी संबंध मिला है। फिलहाल अमेरिका में 2023-24 सत्र में 11 लाख से अधिक विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें 3.31 लाख भारतीय छात्र (लगभग 29%) शामिल हैं।
अपराध और आतंकवाद से जुड़े वीजा रद्द
- रद्द किए गए 6000 वीजा में से 4000 वीजा धारक अपराधों में शामिल थे, जिनमें चोरी, मारपीट और नशे में गाड़ी चलाना शामिल है।
- 200 से 300 स्टूडेंट वीजा आतंकवाद से जुड़े मामलों में रद्द किए गए।
- इन वीजा को इमिग्रेशन और नेशनैलिटी एक्ट की सुरक्षा से जुड़ी धाराओं के तहत निरस्त किया गया।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं ने न केवल कानून का उल्लंघन किया, बल्कि कॉलेज कैंपस और आम नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाला।
वीजा नियमों में लगातार सख्ती
अमेरिकी सरकार शिक्षा वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार नियम कड़े कर रही है। हाल ही में विदेश विभाग ने घोषणा की है कि 2 सितंबर से वीजा ड्रॉप बॉक्स (इंटरव्यू वेवर प्रोग्राम) बंद कर दिया जाएगा।
इस बदलाव के बाद:
- H-1B, L1 और F1 जैसे नॉन-इमिग्रेंट वीजा के आवेदकों को दूतावास या कॉन्सुलेट में इंटरव्यू देना अनिवार्य होगा।
- पहले ड्रॉप बॉक्स सुविधा से आवेदक बिना इंटरव्यू सिर्फ दस्तावेज देकर वीजा पा सकते थे।
- अब यह सुविधा केवल डिप्लोमैटिक और ऑफिशियल वीजा धारकों तक सीमित रहेगी।
यह फैसला खासकर भारतीय टेक कर्मचारियों और छात्रों पर असर डाल सकता है। 2022 में जारी 3.20 लाख H-1B वीजा में से 77% और 2023 में 3.86 लाख वीजा में से 72.3% भारतीयों को मिले थे।
3 महीने पहले नए इंटरव्यू पर रोक
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 3 महीने पहले ही विदेशी छात्रों के नए वीजा इंटरव्यू पर रोक लगा दी थी।
- इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में यहूदी-विरोधी और वामपंथी विचारों को रोकना बताया गया था।
- ट्रम्प प्रशासन छात्रों के सोशल मीडिया प्रोफाइल की सख्त जांच करना चाहता है।
- रुबियो ने आदेश दिया था कि F, M और J वीजा कैटेगरी (स्टूडेंट और एक्सचेंज विजिटर) के लिए नए अपॉइंटमेंट न जोड़े जाएं।
हालांकि पहले से शेड्यूल किए गए इंटरव्यू जारी रहेंगे, लेकिन नए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन वीजा दुरुपयोग और सुरक्षा चिंताओं के चलते सरकार अब कड़े कदम उठा रही है। यह कदम भारतीय छात्रों और पेशेवरों पर सीधा असर डाल सकते हैं, क्योंकि वे अमेरिका में विदेशी छात्र समुदाय का बड़ा हिस्सा हैं।





