द हंट: राजीव गांधी हत्याकांड’ वेब सीरीज़ पर विवाद, पूर्व जांच अधिकारी आमोद कंठ ने लगाए गंभीर आरोप

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BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली | पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या पर आधारित वेब सीरीज़ ‘द हंट: द राजीव गांधी असैसिनेशन केस’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व सीबीआई अधिकारी आमोद कंठ ने इस सीरीज़ में दिखाए गए तथ्यों को भ्रामक, विकृत और अपमानजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सीरीज़ में जांच प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है, जिससे उनकी और सीबीआई जैसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा है।


सीरीज़ पर क्या हैं आमोद कंठ के आरोप

अमोद कंठ, जो उस समय सीबीआई में डीआईजी (इन्वेस्टिगेशन) थे, का कहना है कि सीरीज़ में उनके और उनकी पत्नी के नाम, पद और भूमिका का प्रयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया। वे मानते हैं कि इस शो में घटनाओं का अनुचित क्रम, नाटकीयता, और झूठे संवादों के माध्यम से न केवल उन्हें बल्कि देश की शीर्ष जांच एजेंसी को जनता की नजरों में संदेहास्पद बनाया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीरीज़ LTTE जैसे आतंकवादी संगठन के प्रति सहानुभूति दर्शाने का प्रयास करती है, जो कि एक गंभीर नैतिक और कानूनी चिंता है।


आमोद कंठ को किन पहलुओं पर आपत्ति है

  • थर्ड डिग्री टॉर्चर और बलात्कार की धमकी जैसी घटनाओं का चित्रण
  • गाली-गलौज, धूम्रपान और अनैतिक व्यवहार को उनके चरित्र से जोड़ना
  • आत्मघाती हमलावर ‘अथिरई’ की गिरफ्तारी के दृश्य में नारी गरिमा और पुलिस प्रक्रिया का उल्लंघन
  • उनके परिवार और जानने वालों की भावनाओं को आहत करना
  • बिना अनुमति वास्तविक नाम और छवि का प्रयोग

उन्होंने दावा किया कि ये सारे चित्रण न केवल काल्पनिक और असत्य हैं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और पेशेवर ईमानदारी पर भी सवाल उठाते हैं।


मानहानि का मुकदमा और मीडिया से अपील

अमोद कंठ ने सीरीज़ के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजते हुए उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। साथ ही उन्होंने मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि जब वे किसी ऐतिहासिक और संवेदनशील मामले को प्रस्तुत करते हैं, तो उसमें सटीकता, जवाबदेही और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।

उनका कहना है कि राजीव गांधी हत्याकांड जैसे मामले केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि देश के इतिहास के अहम पन्ने हैं जिन्हें सम्मान और सत्यता के साथ दर्शाना चाहिए।


सीबीआई की साख पर असर

कंठ का मानना है कि ‘द हंट’ जैसी सीरीज़, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखी जा रही है, उसमें इस प्रकार के गंभीर आरोपों और अनैतिक चित्रणों से सीबीआई की साख को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि इस जांच में शामिल अधिकारियों ने विपरीत परिस्थितियों में ईमानदारी से काम किया, और ऐसे चित्रण उनके संघर्ष और समर्पण को नजरअंदाज करते हैं।


सीरीज़ का प्रसारण और पृष्ठभूमि

‘द हंट’ वेब सीरीज़ का प्रसारण 4 जुलाई 2025 को Sony Liv पर हुआ था। इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित बताया गया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या, जांच एजेंसी की कार्रवाई और मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने की कहानी को दिखाया गया। हालांकि, आमोद कंठ का कहना है कि यह प्रस्तुति तथ्यों से हटकर, सनसनी फैलाने वाली और आक्षेपपूर्ण है।


पूर्व अधिकारी आमोद कंठ द्वारा उठाए गए मुद्दे न केवल कानूनी और नैतिक, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी गंभीर हैं। यह विवाद इस बात पर भी रोशनी डालता है कि जब भी किसी इतिहासिक और संवेदनशील विषय को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए, तो उसमें सत्यनिष्ठा और ज़िम्मेदारी का निर्वहन अत्यावश्यक है।

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लेखक: गोविंद सिंह राजपूत, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री International