ग्वालियर शहर में मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसे देखते हुए दिल्ली से आई वैज्ञानिकों की टीम ने शहर के 8 प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। टीम को अधिकांश जगह सड़कों पर पानी भरा हुआ मिला और उन्होंने खुद तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड किए।
ड्रेनेज सिस्टम की खामियां उजागर
निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों को पता चला कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम और नालियों का मिलान सही तरीके से नहीं किया गया है।
- अतिक्रमण और रैंप नालियों को बाधित कर रहे हैं
- कई जगह पाइप तो डले हैं लेकिन उनकी सफाई नहीं हुई
- कुछ क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम ही मौजूद नहीं है
वैज्ञानिकों की प्रमुख सलाह
दिल्ली से आए CSIR टीम के मुख्य वैज्ञानिक सुनील जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज शुक्ला, कंबर सिंह और सम्पत कुमार ने ग्वालियर नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की और समाधान सुझाए।
सुझाए गए समाधान
- विस्तृत DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करें
- नालों और पाइपों की नियमित सफाई करें
- अतिक्रमण और रैंप को हटाएं
- नए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण करें जहां जरूरत हो
- अंडरग्राउंड सिस्टम में जालियां लगाएं ताकि कचरा अंदर न जाए
- सड़कों का कंपेक्शन सही तरीके से किया जाए
स्थलवार निरीक्षण और सुझाव
आनंद नगर
- समस्या: नाले का आउटलेट सही से जुड़ा नहीं
- सुझाव: नाले की सफाई कर आउटलेट का मिलान करें
ट्रांसपोर्ट नगर
- समस्या: नाला मौजूद लेकिन गंदगी से भरा
- सुझाव: सफाई कर पुलिया बनाएं
शताब्दीपुरम (सिंधिया स्टेच्यू)
- समस्या: पाइप तो हैं लेकिन पानी भरा
- सुझाव: सफाई करें और अतिक्रमण हटाएं
सिटी सेंटर (एयरटेल ऑफिस के पास)
- समस्या: सड़क की हालत खराब, निकासी नहीं
- सुझाव: नाली बनाकर उसे मुख्य ड्रेनेज से जोड़ें
चेतकपुरी रोड
- समस्या: सड़कों पर जगह-जगह गिट्टी डली
- सुझाव: गहरी लाइन डालते समय कंपेक्शन सही करें
लक्कड़खाना–छप्परवाला पुल
- समस्या: अंडरग्राउंड ड्रेनेज में कचरा जाने का खतरा
- सुझाव: जालियां लगाकर कचरे को रोकें
आदित्यपुरम
- समस्या: ड्रेनेज सिस्टम मौजूद ही नहीं
- सुझाव: अतिक्रमण हटाकर नया सिस्टम बनाएं
सनवैली
- समस्या: जलभराव, ढलान का अभाव
- सुझाव: सड़क की ढलान नदी की ओर करें और पानी निकासी सुनिश्चित करें
ग्वालियर शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब ड्रेनेज सिस्टम की योजना वैज्ञानिक तरीके से बनाई जाए और चरणबद्ध ढंग से काम किया जाए। DPR तैयार करने, नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और नए सिस्टम के निर्माण से शहरवासियों को राहत मिल सकती है।





