ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया। एक 8 साल की मासूम बच्ची स्टेशन पर अकेले भटकती हुई मिली, जो खुद को मथुरा से आया हुआ बता रही है। लेकिन बच्ची न तो अपने घर का पता जानती है, न ही माता-पिता का मोबाइल नंबर बता पा रही है।
स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर मिली बच्ची
रविवार रात प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर गश्त कर रहे प्रधान आरक्षक शिवसिंह यादव ने जब बच्ची को अकेले घूमते देखा तो तुरंत उससे बातचीत की। बच्ची घबराई हुई थी और डरी-सहमी नजर आ रही थी।
इसके बाद एएसआई अजयपाल सिंह और महिला कॉन्स्टेबल नीतू रावत को बुलाया गया। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम डोली, पिता का नाम राकेश और माता का नाम पूजा बताया।
मथुरा से ट्रेन में बैठकर आई बच्ची
बच्ची ने बताया कि वह मथुरा से किसी ट्रेन में बैठकर ग्वालियर पहुंची है, लेकिन उसे यह याद नहीं कि किस ट्रेन में बैठी थी। जब उससे उसके घर का पता या परिजनों का संपर्क नंबर पूछा गया, तो वह घबरा गई और कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाई।
चाइल्ड लाइन को नहीं मिला रिस्पॉन्स
बच्ची की स्थिति को देखते हुए रेलवे पुलिस ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बच्ची को महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी की निगरानी में सौंप दिया गया है।
परिजनों की तलाश जारी
ग्वालियर आरपीएफ और जीआरपी ने मथुरा के संबंधित विभागों से संपर्क कर बच्ची की डिटेल साझा की है। फिलहाल, मथुरा में भी इस बच्ची की गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
रेलवे पुलिस द्वारा बच्ची के परिजनों की तलाश की जा रही है, साथ ही यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह मथुरा से ग्वालियर तक अकेले कैसे पहुंची।
यह घटना न सिर्फ रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है कि इतनी छोटी बच्ची कैसे अकेले दूसरे शहर पहुंच गई। बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और जल्द ही उसके परिजनों तक पहुंचने की कोशिशें जारी हैं।





