BY: Yoganand Shrivastava
ग्वालियर, शहर के महाराजपुरा क्षेत्र में स्थित एक खदान के गहरे गड्ढे में डूबे युवक का शव बुधवार सुबह बरामद हुआ। युवक सोमवार शाम से लापता था और तीन दिनों तक चले एनडीआरएफ के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अंततः उसका शव बरामद किया गया।
घटना का विवरण
मुरैना के जौरा निवासी हरीश चौधरी, जो ग्वालियर के विक्रमपुर पहाड़ी इलाके में रहकर मजदूरी करता था, सोमवार को अपने मित्र दीपक धानुक के साथ शताब्दीपुरम स्थित एक खदान के गड्ढे पर पहुंचा था। पार्टी के बाद दोनों वहां नहाने गए, जहां हरीश ने पानी में छलांग लगाई। शुरुआत में वह तैरता दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही देर में अचानक पानी में गायब हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: तीन दिन, 18 घंटे की मेहनत
स्थानीय लोगों ने युवक के डूबने की आशंका में तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को बुलाया।
- पहले दो दिनों (सोमवार और मंगलवार) में 16 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन सफलता नहीं मिली।
- बुधवार को दोबारा अभियान शुरू किया गया और लगभग दो घंटे की कोशिशों के बाद शव को खोज निकाला गया।
चट्टान के नीचे दबा मिला शव
एनडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, हरीश का शव खदान में पानी के नीचे एक बड़ी चट्टान के नीचे फंसा हुआ था, जिस कारण पहले नहीं मिल सका। विशेषज्ञ गोताखोरों और तकनीकी उपकरणों की मदद से शव को निकाल लिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
महाराजपुरा थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह यादव ने जानकारी दी कि युवक की पहचान की पुष्टि होने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।





