इज़राइल के प्रमुख 22tcf लेविथान गैस क्षेत्र के साझेदार 2029 तक इसकी क्षमता को 21bcm/y और 2032 तक 23bcm/y तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। न्यूमेड एनर्जी के अनुसार, पहले चरण का अंतिम निवेश निर्णय (FID) आने वाले महीनों में लिया जाएगा।

विस्तार योजना
शेवरॉन (39.66%), न्यूमेड एनर्जी (45.34%) और रेशियो एनर्जी (15%) मिलकर ‘फेज 1बी’ विस्तार को लागू करने की योजना बना रहे हैं। इस विस्तार को दो चरणों में विभाजित किया गया है:
- पहला चरण: क्षमता को 21bcm/y (2.03bn cfd) तक बढ़ाना।
- दूसरा चरण: क्षमता को 23bcm/y (2.22bn cfd) तक विस्तारित करना।
वर्तमान में लेविथान की उत्पादन क्षमता 1.2bn cfd है, जिसे 1.4bn cfd तक बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
विस्तार योजना के प्रमुख बिंदु
- तेजी से बढ़ता उत्पादन: इज़राइल के गैस उत्पादन में पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है।
- नए निवेश और विकास: गैस क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ ही बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।
- निर्यात और घरेलू आपूर्ति: बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता इज़राइल की घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ निर्यात के अवसरों को भी बढ़ाएगी।
भविष्य की संभावनाएं
शेवरॉन और इसके साझेदारों की यह रणनीति इज़राइल को वैश्विक गैस बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। इसके अलावा, इस विस्तार से इज़राइल की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।
पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभाव
पर्यावरणीय प्रभाव
लेविथान गैस क्षेत्र का विस्तार पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह प्राकृतिक गैस आधारित ऊर्जा स्रोत होने के कारण कोयले और तेल की तुलना में कम प्रदूषण करता है, लेकिन इससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव पड़ सकता है।
- गैस निष्कर्षण से समुद्री जीवों पर प्रभाव पड़ सकता है।
- संभावित रिसाव और पर्यावरणीय क्षति की संभावना बनी रहती है।
आर्थिक प्रभाव
यह विस्तार इज़राइल की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- नौकरी के अवसर: गैस उत्पादन के बढ़ने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
- सरकारी राजस्व में वृद्धि: निर्यात बढ़ने से सरकार को अधिक कर राजस्व प्राप्त होगा।
- ऊर्जा स्वतंत्रता: इज़राइल को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
लेविथान गैस क्षेत्र में विस्तार की यह योजना इज़राइल की ऊर्जा नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में, यह क्षेत्र घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गैस आपूर्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, इससे आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी होंगे। हालांकि, इस विस्तार के साथ जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक है।