रिपोर्ट: विजय अहिरवार
illegal mining in Guna मध्य प्रदेश के गुना जिले में पर्यावरण और वन संपदा की सुरक्षा के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। बमोरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विशनवाड़ा सब रेंज में वन विभाग की कथित उदासीनता के बीच अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। यहां वन चौकी से महज कुछ ही दूरी पर दिनदहाड़े जेसीबी और ट्रैक्टरों के जरिए प्राकृतिक संपदा को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
वन चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर अवैध खनन
illegal mining in Guna जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर तब बड़े सवाल खड़े होते हैं जब अवैध गतिविधियां सीधे सुरक्षा चौकियों के पास संचालित होने लगें। विशनवाड़ा में वन चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर जेसीबी मशीनें लगाकर भारी मात्रा में मोरम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस तरह निकाले जा रहे खनिजों को दर्जनों ट्रैक्टरों के माध्यम से पास ही बन रही बांसखेड़ी सड़क के निर्माण में धड़ल्ले से खपाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा अमला पूरी तरह अनजान बना रहा।
जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और उदासीन रवैया
illegal mining in Guna नियमों को ताक पर रखकर हो रहे इस अवैध परिवहन के दौरान मोरम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सीधे वन चौकी के सामने से गुजरती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार हो रहे इन फेरों के बावजूद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने वाहनों को रोकने की कोशिश नहीं की। जब इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए विशनवाड़ा सब रेंज के डिप्टी रेंजर हरिप्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना भी उचित नहीं समझा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर और अधिक संदेह गहरा गया है।
माफियाओं के आगे नतमस्तक वन अमला
स्थानीय जानकारों का कहना है कि विशनवाड़ा के जंगलों में अवैध कटाई और उत्खनन की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले भी पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें विभाग द्वारा केवल औपचारिकता निभाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। वन संपदा के रखवाले कहे जाने वाले अधिकारियों की इस चुप्पी का फायदा उठाकर खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों को उजाड़ने में लगे हुए हैं।


