Patwari Accountability MP में पटवारियों की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट
मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व व्यवस्था में पटवारियों की भूमिका, दायित्व और जवाबदेही को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में पटवारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार जैसे कामों में किसान और आम नागरिक का सीधा संपर्क पटवारी से होता है।
सरकार का फोकस है कि नागरिकों के राजस्व संबंधी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों और उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनाए रखने और कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
Patwari Accountability MP में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि पद या जिम्मेदारी का स्तर चाहे जो भी हो, शिकायत सामने आने पर जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
सरकार का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ नागरिकों को निष्पक्ष और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। रिश्वतखोरी या किसी भी तरह के भ्रष्ट आचरण को स्वीकार नहीं करने की नीति पर जोर दिया गया है।
Patwari Accountability MP में स्वामित्व योजना को लेकर स्पष्टता
ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि पर संपत्ति अधिकार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 लागू की गई है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पटवारी संघ की ओर से व्यावहारिक, कानूनी और प्रक्रियात्मक कठिनाइयां सामने रखी गई थीं।
राज्य शासन ने इन चिंताओं पर विचार करते हुए आवश्यक समाधान और स्पष्टता प्रदान की है। सितंबर 2026 से योजना के तहत पहले से सक्षम राजस्व प्रक्रिया के माध्यम से तैयार अधिकार अभिलेखों के आधार पर ग्रामीण संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की गई है।
Patwari Accountability MP में नया स्वामित्व निर्धारित नहीं करेंगे पटवारी
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पटवारी स्वामित्व योजना के तहत किसी व्यक्ति का नया स्वामित्व निर्धारित नहीं करेंगे। पटवारी सक्षम राजस्व प्रक्रिया के जरिए पहले से तैयार अधिकार अभिलेखों के आधार पर ही अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
अधिकार अभिलेख में जिस व्यक्ति या व्यक्तियों के अधिकार दर्ज हैं, उन्हीं दर्ज अधिकारों के आधार पर विलेख का निष्पादन और पंजीयन किया जाएगा। इससे पटवारियों की भूमिका और उनकी वैधानिक जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
Patwari Accountability MP में त्रुटिपूर्ण अभिलेख पर नहीं होगा निष्पादन
योजना के तहत त्रुटिपूर्ण, अपूर्ण या विवादित अधिकार अभिलेखों के मामले में भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। ऐसे अभिलेखों के आधार पर विलेख का निष्पादन नहीं किया जाएगा।
यदि किसी अभिलेख में गलती है, जानकारी अधूरी है या अधिकार को लेकर विवाद है, तो उसका निराकरण सक्षम राजस्व प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा। विधिसम्मत तरीके से काम करने वाले पटवारी पर ऐसे मामलों में अनावश्यक व्यक्तिगत दायित्व निर्धारित नहीं किया जाएगा।
Patwari Accountability MP में पटवारी संघ की मांगों पर सरकार का समाधान
पटवारी संघ की ओर से योजना के क्रियान्वयन को लेकर कई बिंदुओं पर स्पष्टता की मांग की गई थी। इनमें निष्पादन अधिकारी के रूप में पटवारियों की वैधानिक भूमिका, भविष्य में व्यक्तिगत जवाबदेही और त्रुटिपूर्ण या विवादित अभिलेखों की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया शामिल थी।
पटवारी संघ ने यह भी कहा था कि अधिकार अभिलेख का सत्यापन और किसी कानूनी दस्तावेज का निष्पादन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। नाम, पिता के नाम या अन्य विवरण में विसंगति होने पर प्रक्रिया क्या होगी, परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होने पर निर्णय किस स्तर पर होगा और अभिलेख अधूरा होने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, इन विषयों पर भी स्पष्टता जरूरी है।
Patwari Accountability MP में पांच सदस्यीय मंत्री समूह का गठन
पटवारी संघ की व्यावहारिक और विधिक समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया था। सरकार की ओर से कहा गया है कि योजना के क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक, कानूनी और प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर विचार करते हुए जरूरी समाधान उपलब्ध कराया गया है।
इसका उद्देश्य स्वामित्व योजना को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है, ताकि ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधाएं न आएं।
Patwari Accountability MP में निष्पादन और पंजीयन की जिम्मेदारी तय
स्वामित्व योजना के तहत अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है। व्यवस्था के अनुसार पटवारी अधिकृत निष्पादन अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक आदि पंजीयन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
निष्पादन की प्रक्रिया के लिए SARA और पंजीयन की प्रक्रिया के लिए SAMPADA व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का आधार पहले से सक्षम राजस्व प्रक्रिया के माध्यम से तैयार अधिकार अभिलेख होंगे।
Patwari Accountability MP में ग्रामीणों को संपत्ति अधिकार दस्तावेज देने पर जोर
सरकार का कहना है कि स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि पर संपत्ति अधिकार संबंधी विधिवत अभिलेख उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण संपत्तियों के दस्तावेजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को अपनी संपत्ति से जुड़े अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड मिल सकेगा।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके संपत्ति अधिकार संबंधी दस्तावेज समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा सकें।
Patwari Accountability MP में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई
सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई मामलों का उल्लेख भी किया गया है। इनमें भोपाल के पटवारी मंगलेश खंडेलवाल, सतना के पटवारी संतोष सतनामी, सीहोर के पटवारी धर्मेंद्र सिंह राठौर, नर्मदापुरम के पटवारी देवेंद्र सहारिया और जबलपुर के पटवारी सनी द्विवेदी के खिलाफ कार्रवाई के मामले शामिल हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ट्रैप कार्रवाई, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण और नियमानुसार अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
Patwari Accountability MP में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन पर फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि सुशासन में अधिकार और जवाबदेही दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। राजस्व विभाग से जुड़े कामों में पारदर्शिता, समयबद्धता और नागरिकों के प्रति जवाबदेही बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
स्वामित्व योजना में पटवारियों की भूमिका को स्पष्ट करने और उनकी व्यावहारिक व कानूनी चिंताओं का समाधान करने के साथ सरकार ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीणों को उनका संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। वहीं भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।


