Edward Park: खैरागढ़ के एडवर्ड पार्क की जमीन को लेकर जारी विवाद में अब सरकारी आदेशों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। Edward Park की विवादित जमीन पर जांच पूरी होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका की ओर से नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं और निर्माण पर नजर रखने के लिए पांच सदस्यीय निगरानी टीम का गठन किया गया है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहने की शिकायत सामने आई है।
Edward Park: ताजा कार्रवाई में निगरानी टीम ने मौके पर निर्माण कार्य रुकवाया और निर्माण सामग्री जब्त की। हालांकि, आरोप है कि टीम के मौके से लौटने के बाद दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया। मामला राजनांदगांव-कवर्धा रोड पर सिविल कोर्ट के सामने स्थित एडवर्ड पार्क की जमीन से जुड़ा है।
Edward Park: विवादित जमीन पर यथास्थिति के दिए गए थे निर्देश
Edward Park: मामला खसरा नंबर 167, 169 और 170 के साथ नजूल भूखंड नंबर 114-115 से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद 8 जून को सात सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच पूरी होने तक संबंधित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
Edward Park: इसके बाद नगर पालिका की ओर से 12 जून और 18 अगस्त को नोटिस जारी किए गए। वहीं 13 अगस्त को निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पांच सदस्यीय निगरानी टीम गठित की गई। इसके बावजूद मौके पर निर्माण आगे बढ़ने की शिकायत सामने आने के बाद अब आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Edward Park: निर्माण रुकवाकर सामग्री जब्त, फिर काम शुरू होने का आरोप
Edward Park: जानकारी के मुताबिक जून में शुरुआती निर्माण के बाद अब डीपीसी के ऊपर छज्जे की ढलाई के लिए कॉलम खड़े किए जाने की बात सामने आई है। ताजा कार्रवाई के दौरान टीम ने निर्माण कार्य बंद कराया और मौके पर मौजूद सामग्री जब्त की।
Edward Park: हालांकि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निगरानी टीम के लौटने के बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठता है कि यथास्थिति के निर्देश और नगर पालिका के नोटिस के बावजूद निर्माण गतिविधियां कैसे जारी रहीं।
Edward Park: निगरानी टीम के रहते निर्माण की जानकारी क्यों नहीं हुई?
Edward Park: विवादित जमीन पर निर्माण रोकने और आदेशों के पालन की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई थी। ऐसे में निर्माण कार्य आगे बढ़ने की शिकायत ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
Edward Park: मामले में यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि निगरानी टीम को निर्माण की जानकारी कब मिली और कार्रवाई किस स्तर पर की गई। प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद उनकी जमीन पर वास्तविक स्थिति क्या रही, इसका पूरा विवरण जांच के बाद ही सामने आएगा।
Edward Park: खसरा नंबर को लेकर भी उठे सवाल
Edward Park: एडवर्ड पार्क विवाद में सिर्फ निर्माण का मुद्दा ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों में खसरा नंबर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 2023-24 की नगर पालिका एनओसी का हवाला दिया जा रहा है।
Edward Park: वहीं 13 अगस्त के आदेश में खसरा नंबर 167 की जगह 187 लिखे जाने की बात सामने आई है। अब संबंधित विभाग को स्पष्ट करना होगा कि यह अंतर महज टंकण संबंधी गलती है या इसके पीछे रिकॉर्ड से जुड़ा कोई अन्य कारण है।
Edward Park: दोबारा निर्माण मिला तो FIR की चेतावनी
Edward Park: मामले को लेकर नगर पालिका सीएमओ पुनीतराम वर्मा का कहना है कि निर्माण सामग्री जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा निर्माण होते पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई जाएगी।
Edward Park: अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद विवादित जमीन पर निर्माण वास्तव में रुकता है या नहीं। साथ ही जांच समिति की रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट होगा कि यथास्थिति के आदेश के बावजूद निर्माण आगे कैसे बढ़ा।
Edward Park: फिलहाल एडवर्ड पार्क का मामला सरकारी आदेशों के जमीन पर अमल को लेकर चर्चा में है। एक तरफ यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश, नगर पालिका के नोटिस और निगरानी टीम है, तो दूसरी तरफ निर्माण जारी रहने की शिकायत। अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
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