Kalidas Samaroh 2026: भोपाल। मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाले 68वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समारोह के कार्यक्रमों को प्रदेश से जुड़ी प्रतिष्ठित साहित्यिक और सांस्कृतिक विभूतियों की स्मृतियों से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी जैसे गीतकारों और साहित्यकारों पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने नाट्य विधा से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों को अधिक अवसर देने के साथ युवाओं को भी समारोह की गतिविधियों से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने पर जोर दिया।
Kalidas Samaroh 2026: मंत्रालय में हुई केंद्रीय समिति की बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय सभाकक्ष में 68वें कालिदास समारोह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर केंद्रीय समिति की बैठक की। मुख्यमंत्री समारोह केंद्रीय समिति के अध्यक्ष हैं। बैठक में केंद्रीय समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।
कालिदास समारोह आगामी 21 से 27 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सात दिवसीय समारोह के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और उनकी तैयारियों की जानकारी ली।
Kalidas Samaroh 2026: प्रदेश की साहित्यिक विभूतियों की स्मृतियों पर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह को प्रदेश की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिष्ठित गीतकारों और साहित्यकारों की स्मृतियों पर आधारित गतिविधियों को समारोह में शामिल किया जाए।
कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी जैसी विभूतियों के साहित्यिक योगदान और स्मृतियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
Kalidas Samaroh 2026: वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाट्य विधा से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों को अपनी कला के प्रदर्शन के अधिक से अधिक अवसर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि कालिदास समारोह की गतिविधियों से युवाओं को भी प्राथमिकता के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
इसके साथ ही राज्य की प्रतिभाओं को विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन कला स्पर्धाओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
Kalidas Samaroh 2026: ओंकारेश्वर और विश्वविद्यालयों की होगी भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्मधाम ओंकारेश्वर को भी कालिदास समारोह की गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके अलावा संगीत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के प्रतिनिधियों को भी समारोह से जोड़ा जाए, ताकि आयोजन में प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की भागीदारी दिखाई दे।
Kalidas Samaroh 2026: पुलिस बैंड की प्रस्तुति के भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान पुलिस बैंड की प्रस्तुति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सात दिवसीय समारोह के लिए तैयार की गई कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी भी प्राप्त की और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
Kalidas Samaroh 2026: 20 नवंबर को मंगल कलश यात्रा से होगा पूर्व रंग
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बैठक में समारोह के प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समारोह के पूर्व रंग के अंतर्गत 20 नवंबर को मंगल कलश यात्रा और नांदी सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।
इसके बाद 21 नवंबर को समारोह का शुभारंभ होगा। शुभारंभ के अवसर पर अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। इसके लिए शास्त्रीय वादन से जुड़े प्रख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।
Kalidas Samaroh 2026: 22 नवंबर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी
22 नवंबर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन पंडित सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान भी होगा।
शोध संगोष्ठी और स्मृति व्याख्यान के जरिए साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
Kalidas Samaroh 2026: 23 नवंबर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान
23 नवंबर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। यह समारोह के प्रमुख साहित्यिक कार्यक्रमों में शामिल रहेगा।
इस कार्यक्रम में महाकवि कालिदास के साहित्य और भारतीय साहित्यिक परंपरा में उनके योगदान से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
Kalidas Samaroh 2026: 24 नवंबर को वाकणकर स्मृति व्याख्यान और संस्कृत नाटक
24 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन संस्कृत नाटकों का मंचन भी होगा।
समारोह में संस्कृत नाट्य परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
Kalidas Samaroh 2026: 25 नवंबर को संस्कृत कवि समवाय और हिंदी नाटक
25 नवंबर को संस्कृत कवि समवाय का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही हिंदी नाटक की प्रस्तुति भी होगी।
इस कार्यक्रम के जरिए संस्कृत और हिंदी साहित्य तथा रंगमंच की विभिन्न विधाओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
Kalidas Samaroh 2026: 26 नवंबर को होगा संत समागम
26 नवंबर को संत समागम आयोजित किया जाएगा। सात दिवसीय समारोह में साहित्य और कला के साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
Kalidas Samaroh 2026: 27 नवंबर को सांस्कृतिक प्रस्तुति और पुरस्कार वितरण
27 नवंबर को कालिदास समारोह का समापन होगा। समापन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस तरह 20 नवंबर से शुरू होने वाले पूर्व रंग और 21 नवंबर से 27 नवंबर तक चलने वाले मुख्य समारोह में साहित्य, शोध, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों की विभिन्न प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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