संवाददाता: रत्नेश डेहरिया
Harrai Crop Damage : हर्रई। मध्य प्रदेश के हर्रई विकासखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने के कारण मक्के की फसल प्रभावित होकर चौपट होने की स्थिति में पहुंच गई है। फसल खराब होने की आशंका के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने मक्के की फसल तैयार करने में मेहनत के साथ बड़ी रकम खर्च की थी, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी जमा होने से कई जगह मक्के के पौधे गिर गए हैं और फसल के दाने खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
Harrai Crop Damage: लगातार बारिश से खेतों में भरा पानी
हर्रई विकासखंड में लगातार तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे मक्के की खड़ी फसल प्रभावित हुई है।
किसानों के मुताबिक, खेतों में पानी की निकासी नहीं होने से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर मक्के के पौधे गिरने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
Harrai Crop Damage: मक्के की फसल चौपट होने की आशंका
लगातार बारिश के कारण मक्के की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से पौधों और दानों पर असर पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि फसल तैयार करने के लिए उन्होंने बीज, खाद, दवा और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च किया था। ऐसे में अगर फसल पूरी तरह खराब होती है तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
Harrai Crop Damage: किसानों की मेहनत और लागत पर फिरा पानी
किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी मेहनत और लागत के साथ मक्के की फसल तैयार की थी। अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण अब खेतों में खड़ी फसल को बचाना मुश्किल नजर आ रहा है।
किसानों के सामने एक तरफ फसल खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ खेती में लगाई गई लागत वापस मिलने को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश का दौर जारी रहने पर नुकसान और बढ़ने की आशंका किसानों ने जताई है।
Harrai Crop Damage: राजस्व और कृषि विभाग से सर्वे की मांग
फसल को हुए नुकसान के बाद किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम भेजकर मौके पर फसल नुकसान का आकलन किया जाना चाहिए।
किसानों ने मांग की है कि सर्वे के दौरान वास्तविक नुकसान का पंचनामा तैयार किया जाए, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा मिल सके।
Harrai Crop Damage: समय पर मुआवजा नहीं मिला तो बढ़ेगा आर्थिक संकट
किसानों का कहना है कि बारिश से हुए नुकसान का समय पर सर्वे और राहत नहीं मिलने पर उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए फसल का नुकसान सीधे उनकी आय को प्रभावित करता है।
ऐसे में किसानों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए नुकसान का आकलन कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
Harrai Crop Damage: मौके पर पंचनामा बनाकर राहत देने की मांग
प्रभावित किसानों की मांग है कि प्रशासन की टीम गांवों और खेतों में पहुंचकर बारिश से हुए नुकसान का मौके पर निरीक्षण करे। किसानों ने फसल नुकसान का पंचनामा तैयार कर जल्द राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन और राहत की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो प्रभावित परिवारों को आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सकती है।


