Seva Sankalp Abhiyan को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्री परिषद की बैठक से पहले प्रदेश में चल रही गतिविधियों और सरकार की आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान में मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर कार्यक्रम हुए हैं। उनके मुताबिक, आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में करीब 3 करोड़ 88 लाख दीये जलाए गए, जबकि प्रदेश के करीब 23 हजार प्रमुख और आइकॉनिक स्थलों को रोशन किया गया।
Seva Sankalp Abhiyan: 3.88 करोड़ दीयों से रोशन हुआ प्रदेश
Seva Sankalp Abhiyan के तहत आयोजित आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में प्रदेशभर में दीप प्रज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री के अनुसार, उज्जैन में 33 लाख से ज्यादा दीप जलाए गए और इसे एक नए विश्व रिकॉर्ड के रूप में बताया गया है। इसके अलावा करीब 23 हजार प्रमुख स्थलों पर रोशनी की गई।
Seva Sankalp Abhiyan में सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर लगाए गए, जिनमें करीब 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र किया गया। वहीं 19 से 26 सितंबर तक स्कूल-कॉलेजों में भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
Seva Sankalp Abhiyan: सेवा यात्रा के प्रतिभागियों से संवाद करेंगे PM मोदी
Seva Sankalp Abhiyan के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक निकली सेवा यात्रा मध्यप्रदेश पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 24 और 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस यात्रा के प्रतिभागियों से संवाद करेंगे और उनके अनुभव जानेंगे।
Seva Sankalp Abhiyan के तहत मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जिला प्रशासन के साथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल-कॉलेजों में चल रही भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उनके अनुसार, पहले तीन दिनों में ही 36 हजार से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों के 15 लाख से अधिक विद्यार्थी इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं।
Seva Sankalp Abhiyan: जबलपुर-भोपाल-इंदौर में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोड़कर नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इनके साथ इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी विकसित की जाएगी।
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान साझा किए गए सरकारी अनुमान के मुताबिक, इन चार औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने पर भविष्य में 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसी कॉरिडोर पर एक नई Skill City बनाने की योजना भी बताई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यहां हर साल 50 हजार से ज्यादा युवाओं के कौशल विकास और क्षमता निर्माण का लक्ष्य रखा जाएगा।
Seva Sankalp Abhiyan: स्कूल ड्रॉपआउट में बड़ी कमी
Seva Sankalp Abhiyan के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्कूल शिक्षा से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने इसे शिक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 24.70 प्रतिशत थी।
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान दी गई जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में पहली बार प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हुई है। माध्यमिक स्तर पर यह दर घटकर 6.2 प्रतिशत और सेकंडरी स्तर पर 13 प्रतिशत रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव की जानकारी प्रदेश के लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
Seva Sankalp Abhiyan: 26 सितंबर को होगा जन-विश्वास अभियान
Seva Sankalp Abhiyan के बीच प्रदेश में अगला जन-विश्वास अभियान भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले यह कार्यक्रम 25 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन अनंत चतुर्दशी होने के कारण अब इसे 26 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
Seva Sankalp Abhiyan के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं मुरैना में जन-विश्वास अभियान में शामिल होंगे। उन्होंने मंत्रियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
Seva Sankalp Abhiyan: टेलीकॉम और सेमीकंडक्टर निवेश पर फोकस
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान मुख्यमंत्री ने टेलीकॉम और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर को बड़े टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। निवेश आकर्षित करने के लिए 22 सितंबर को बेंगलुरु में निवेश संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
Seva Sankalp Abhiyan से जुड़े इस एजेंडे में सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े निवेशकों की भागीदारी होगी। इस सम्मेलन की तारीख की स्वतंत्र रिपोर्टों में भी पुष्टि की गई है।
Seva Sankalp Abhiyan: 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मानसून की स्थिति की भी जानकारी दी। उनके अनुसार, 1 जून से 21 सितंबर तक मध्यप्रदेश में 865 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश करीब 922 मिलीमीटर की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है।
Seva Sankalp Abhiyan के तहत साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 37 जिलों में सामान्य बारिश हुई है, जबकि 7 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। कुल 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें अलीराजपुर, नर्मदापुरम, धार, रतलाम, झाबुआ, बैतूल और हरदा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मानसून की विदाई से पहले एक और बारिश की संभावना का भी उल्लेख किया।
Seva Sankalp Abhiyan: मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या 55
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान मुख्यमंत्री ने चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि श्योपुर के कूनो के बाद गांधीसागर मध्यप्रदेश में चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित हो रहा है।
Seva Sankalp Abhiyan के दौरान मुख्यमंत्री के अनुसार, कूनो से एक मादा चीता गांधीसागर में छोड़ी गई है, जिसका नाम राधा रखा गया है। इसके बाद गांधीसागर में चीतों की संख्या चार हो गई है, जबकि मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है।
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