America News : वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मीडिया संस्थानों के बीच चल रहा विवाद अब लाइव टीवी कवरेज तक पहुंच गया है। अमेरिका के प्रमुख टीवी नेटवर्क्स ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा वीडियो कवरेज रोकने का फैसला किया है। यह कदम व्हाइट हाउस की ओर से CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद सामने आया है।
फॉक्स न्यूज के वॉशिंगटन ब्यूरो चीफ ब्रायन बॉटन ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाली साझा टेलीविजन कवरेज व्यवस्था के तहत अब वीडियो उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
इसके जवाब में व्हाइट हाउस ने अपना डिजिटल वीडियो प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसे ‘Trump TV’ नाम दिया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति के पुराने वीडियो, प्रशासन की घोषणाएं और ताजा अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा व्हाइट हाउस के लाइव कार्यक्रम भी इंटरनेट से जुड़े मोबाइल और अन्य डिवाइस पर देखे जा सकेंगे।

America News : हेलिपैड उद्घाटन की फुटेज व्हाइट हाउस ने खुद जारी की
सोमवार को व्हाइट हाउस में नए हेलिपैड का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ऐसे आयोजनों में आमतौर पर टीवी नेटवर्क्स साझा कैमरा व्यवस्था के जरिए वीडियो उपलब्ध कराते हैं। लेकिन इस बार साझा कवरेज बंद होने के कारण कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग व्हाइट हाउस ने खुद जारी की।
कार्यक्रम के दौरान टीवी नेटवर्क्स के कैमरे और माइक्रोफोन मौजूद नहीं थे। इसके चलते ट्रम्प की आवाज भी स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड नहीं हो सकी। मरीन वन के शोर ने भी ऑडियो रिकॉर्डिंग को प्रभावित किया।
अब व्हाइट हाउस अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए राष्ट्रपति के ऐसे कार्यक्रमों की सीधे वीडियो कवरेज उपलब्ध करा सकता है।
America News : न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी फोटो पूल से दूरी बनाई
इस विवाद में न्यूयॉर्क टाइम्स भी शामिल हो गया है। अखबार ने सोमवार को व्हाइट हाउस के फोटो पूल से प्राप्त तस्वीरों को प्रकाशित या साझा नहीं करने का निर्णय लिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि यह कदम उन मीडिया संस्थानों के समर्थन में उठाया गया है, जिनके पत्रकारों को व्हाइट हाउस से बाहर किया गया है। हालांकि, अखबार ने स्पष्ट किया कि वह ट्रम्प की न्यूयॉर्क यात्रा से जुड़ी स्वतंत्र रिपोर्टिंग जारी रखेगा।
अखबार के अनुसार, सरकार के कामकाज पर स्वतंत्र मीडिया की निगरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
America News : क्या है प्रेसिडेंशियल टीवी पूल?
राष्ट्रपति के प्रत्येक कार्यक्रम में अमेरिका के सभी टीवी नेटवर्क्स के लिए अपने-अपने कैमरे और क्रू भेजना संभव नहीं होता। इसी वजह से प्रमुख नेटवर्क्स ने साझा कवरेज की व्यवस्था बना रखी है।
ABC, CBS, CNN, Fox News और NBC जैसे नेटवर्क्स इस व्यवस्था में बारी-बारी से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं। इसके बाद तैयार फुटेज दूसरे मीडिया संस्थानों के साथ साझा की जाती है।
इस मामले में CNN की बारी थी। लेकिन CNN के पत्रकारों पर व्हाइट हाउस के प्रतिबंध के बाद अन्य नेटवर्क्स ने CNN की जगह कवरेज करने के बजाय साझा टीवी पूल को ही रोकने का फैसला किया।
America News : तीन मीडिया संस्थानों ने कोर्ट का रुख किया
CNN, MS NOW और Politico ने ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ अमेरिकी संघीय अदालत में मामला दायर किया है। इन मीडिया संस्थानों ने व्हाइट हाउस में अपने पत्रकारों का एक्सेस बहाल करने की मांग की है।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया संस्थानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने अमेरिकी संविधान के पहले और पांचवें संशोधन के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन किया है। उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग भी की है।
America News : ट्रम्प और मीडिया के बीच लंबे समय से विवाद
डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी मीडिया के बीच विवाद नया नहीं है। ट्रम्प लंबे समय से CNN की रिपोर्टिंग की आलोचना करते रहे हैं और कई बार उसके लिए ‘फेक न्यूज’ शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं।
अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रम्प प्रशासन और CNN के पत्रकारों के बीच व्हाइट हाउस एक्सेस को लेकर विवाद हुआ था। ट्रम्प ने न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल समेत अन्य प्रमुख मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए हैं।
ट्रम्प का आरोप रहा है कि कुछ मीडिया संस्थान उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण तरीके से खबरें प्रकाशित करते हैं। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित मीडिया संस्थानों ने अलग-अलग मौकों पर चुनौती दी है।
America News : सोशल मीडिया विवाद के बाद ट्रम्प ने बनाया था Truth Social
ट्रम्प और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच भी पहले विवाद हो चुका है। जनवरी 2021 में तत्कालीन ट्विटर ने ट्रम्प का अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद ट्रम्प से जुड़े संगठन ने अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social लॉन्च किया।
यह प्लेटफॉर्म 21 फरवरी 2022 को शुरू हुआ। ट्रम्प इसके प्रमुख उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं और वहां उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। अब अमेरिकी मीडिया के साथ नए विवाद के बीच व्हाइट हाउस ने अपना डिजिटल वीडियो प्लेटफॉर्म ‘Trump TV’ शुरू किया है। इससे राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक घोषणाओं के लिए सरकारी डिजिटल चैनल की भूमिका बढ़ सकती है।
America News : संपादकीय नजरिया
दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्र अमेरिका से आई यह तस्वीर पत्रकारिता की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों पर प्रतिबंध के बाद अमेरिकी टीवी नेटवर्क्स का साझा प्रेसिडेंशियल पूल रोक देना बताता है कि पत्रकारिता के संस्थान अपने पेशेवर अधिकारों को लेकर एकजुट हो सकते हैं।
यह किसी एक चैनल या राष्ट्रपति का मामला नहीं है। असली मुद्दा है, सत्ता से सवाल पूछने और जनता तक स्वतंत्र सूचना पहुंचाने का अधिकार। भारत में भी मीडिया के सामने यही कसौटी है। क्या हमारे समाचार संस्थान दबाव, विज्ञापन, राजनीतिक समीकरण और कारोबारी हितों से ऊपर उठकर पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के लिए एकजुट खड़े हो सकते हैं?
भारतीय मीडिया के सामने यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लोकतंत्र में मजबूत पत्रकारिता सत्ता की विरोधी नहीं, बल्कि उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था है। पत्रकारिता की असली ताकत सत्ता के करीब रहने में नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सत्ता से असहज सवाल पूछने के साहस में है। क्या भारतीय मीडिया संस्थान वर्तमान परिस्थितियों में सत्ता संस्थानों से सवाल पूछने की हिम्मात जुटा पाएंगे ?


