BRICS Summit 2026 : नियम माने नहीं, नियम बनाए, भारत के मंच से दुनिया को संदेश,BRICS का नया रोडमैप, ग्लोबल साउथ की बढ़ेगी भूमिका
BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन की 20वीं वर्षगांठ को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए अगले 20 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी विजन और रोडमैप पेश किया है। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में यह भी रेखांकित किया कि 2006 में महज 4 देशों से शुरू हुआ यह सफर आज ब्रिक्स मेंबर्स और पार्टनर्स को मिलाकर 21 देशों का एक बड़ा परिवार बन चुका है। आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50% आबादी, 40% जीडीपी और 25% से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 साल की उम्र इंसान के जीवन में परिपक्वता और जिम्मेदारी की शुरुआत होती है, और ब्रिक्स भी अब उसी परिपक्व दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अब ब्रिक्स देशों को अगले 20 वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और यह शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक पड़ाव है। पीएम मोदी ने BRICS को रूल-टेकर से रूल-शेपर बनाने, वैश्विक संस्थाओं में सुधार और सहयोग को नई गति देने पर भी जोर दिया। साथ ही BRICS में फैसलों की निरंतरता के लिए Troika सिस्टम और डिजिटल रिपॉजिटरी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने वैश्विक शासन में सुधार के लिए मिलकर 10 प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि अगले शिखर सम्मेलन तक ब्रिक्स सुधार के रोडमैप को अंतिम रूप दिया जा सके।। बहरहाल अब भारत के मंच पर एक साथ तीन बड़ी ताकतें हैं, मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तिकड़ी पर दुनिया का नजर हैं। ब्रिक्स में PM मोदी का संबोधन है, और अगले 20 सालों का विजन। इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा….
BRICS Summit 2026 : भारत चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में भारत के मंच पर तीन महाशक्तियां, मोदी के साथ पुतिन और जिनपिंग की मौजूदगी हैं। ब्रिक्स के मंच पर मोदी पुतिन जिनपिंग की तिकड़ी, भारत की कूटनीतिक ताकत का बड़ा संदेश है। इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मौजूदगी से वैश्विक कूटनीति का समीकरण चर्चा में है। समिट की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS समिट में सभी नेताओं का भारत में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का फोकस आम लोगों और मानवता को सबसे आगे रखने पर रहा है। मोदी ने कहा कि भारत ने लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊ विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। साथ ही, BRICS के कामकाज को आम लोगों से जोड़ने पर भी खास ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि BRICS किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करता है।


