Kailaras Sugar Mill : CM दे चुके हैं शुगर मिल शुरू करने के निर्देश,कांग्रेस का आंदोलन क्या श्रेय लेने की राजनीति ?
Kailaras Sugar Mill : मुरैना की बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर शुरू करने की प्रक्रिया सरकार ने तेज कर दी है। 1,250 टीसीडी क्षमता वाली मिल को 30 साल की लीज पर देने के लिए निजी कंपनियों से 15 सितंबर तक ईओआई मांगी गई है, लेकिन इसे लेकर सियासत भी हो रही हैं। ऐसे में शुगर मिल का मुद्दा अब सिर्फ किसानों और मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने मिल शुरू कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन किया और सरकार से लिखित आश्वासन की मांग उठाई। आंदोलन को कई कांग्रेस नेताओं और किसान संगठनों का समर्थन मिला। वहीं, सरकार की ओर से भी मिल को फिर शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। मोहन कैबिनेट की मंजूरी के बाद मिल को लीज पर देकर आधुनिक तरीके से संचालित करने के लिए टेंडर/निवेशक प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी विषय पर हम चर्चा करेंगे लेकिन पहले देखिये ये रिपोर्ट।।
Kailaras Sugar Mill : मुरैना जिले की बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने मिल के संचालन, मरम्मत, आधुनिकीकरण और विकास के लिए..लेकिन फिलहाल मिल बंद है। सरकार मिल को मौजूदा स्थिति के आधार पर यानी ‘जैसा है जहां है’ आधार पर लीज पर देने जा रही है। ईओआई में रुचि रखने वाली कंपनियां 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को मिल का निरीक्षण कर सकेंगी। लेकिन शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय का 15 अगस्त से आमरण अनशन जारी है। विधायक के आंदोलन को समर्थन देने के लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस विधायक और नेता कैलारस पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी कैलारस जाकर अनशन में शामिल हुए। और सरकार पर आरोप लगाए।
Kailaras Sugar Mill : उधर कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि सरकार ने कारखाने को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया और भविष्य की योजना सामने रखी है। सरकार का कहना है कि शुगर मिल शुरू होने से गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंन बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अगस्त 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कैलारस शुगर मिल की जमीन का उपयोग उद्योगों की स्थापना और रोजगार बढ़ाने के लिए करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद कारखाने की जमीन MSME विभाग को हस्तांतरित की गई थी। कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। बहरहाल अब शुगर मिल को लेकर राजनीति भले ही हो रही हो, लेकिन सरकार का मानना है कि मिल के पुनरुद्धार से कैलारस और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, गन्ना उत्पादन, परिवहन, व्यापार और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। मिल के दोबारा चलने से किसानों और स्थानीय कारोबारियों को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
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