UAE: भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तानी नागरिकों के साथ कथित तौर पर खराब व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता और पाकिस्तान की संसद के पूर्व स्पीकर असद कैसर ने संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए अपने अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि युद्ध शुरू होने के समय वह UAE के एक एयरपोर्ट पर मौजूद थे और वहां कई अन्य पाकिस्तानी नागरिक भी फंस गए थे।
असद कैसर के मुताबिक, उस दौरान पाकिस्तानियों की फ्लाइट रद्द कर दी गई थी और उन्हें ठहरने के लिए होटल मिलने में भी परेशानी हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि एयरपोर्ट पर भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को प्राथमिकता दिए जाने की घोषणा की जा रही थी। कैसर ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से वह काफी परेशान हुए और उन्हें लगा कि पाकिस्तानियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है।
UAE: युद्ध शुरू होते ही फ्लाइट रद्द होने का दावा
पाकिस्तानी संसद में अपनी बात रखते हुए असद कैसर ने बताया कि जिस दिन भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हुआ, उस समय वह संयुक्त अरब अमीरात के एयरपोर्ट पर थे। उनके साथ कई अन्य पाकिस्तानी नागरिक भी मौजूद थे। उनके अनुसार, इसी दौरान उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई, जिसके कारण वहां मौजूद पाकिस्तानी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।
कैसर ने दावा किया कि फ्लाइट रद्द होने के बाद पाकिस्तानी यात्रियों ने दूसरी उड़ान लेने और आगे की यात्रा के विकल्प तलाशने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उस समय एयरपोर्ट पर मौजूद स्थिति उनके लिए काफी असहज थी।
UAE: होटलों में कमरा नहीं मिलने का भी दावा
असद कैसर ने संसद में कहा कि फ्लाइट रद्द होने के बाद पाकिस्तानी यात्रियों के सामने ठहरने की समस्या भी खड़ी हो गई थी। उनके मुताबिक, कई होटलों ने पाकिस्तानियों को कमरा देने से इनकार कर दिया।
पूर्व पाकिस्तानी स्पीकर ने कहा कि वह खुद इस स्थिति को लेकर विरोध दर्ज कराने की कोशिश कर रहे थे। उनका कहना था कि पाकिस्तान और UAE के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, इसलिए उन्हें वहां पाकिस्तानियों के साथ इस तरह का व्यवहार होने की शिकायत है।
UAE: भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट को प्राथमिकता देने का आरोप
असद कैसर ने अपने बयान में दावा किया कि एयरपोर्ट पर ऐसी घोषणा की जा रही थी, जिसमें भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस घोषणा से वहां मौजूद पाकिस्तानी यात्रियों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई थी।
हालांकि, कैसर ने इस मामले को लेकर विस्तृत टिप्पणी करने से भी परहेज किया। उन्होंने कहा कि यह मामला दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों से जुड़ा है और इसलिए इस पर सावधानी से बात करने की जरूरत है।
UAE: असद कैसर ने UAE के साथ रिश्तों का दिया हवाला
पाकिस्तानी सांसद ने इस दौरान UAE और पाकिस्तान के संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे और पुराने संबंध हैं तथा पाकिस्तान UAE का सम्मान करता है। ऐसे में यदि पाकिस्तानियों के साथ कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार हुआ है तो इस पर कूटनीतिक स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कैसर ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि पाकिस्तान से UAE जाने वाले लोगों के साथ व्यवहार को लेकर ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के राजनयिक चैनलों को इस मामले की जानकारी लेकर उचित स्तर पर बातचीत करनी चाहिए।
UAE: पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से कार्रवाई की अपील
असद कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री से इस मामले को UAE के सामने उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों को देखते हुए इस तरह की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने राजनीतिक दल की ओर से भी विदेश मंत्रालय से मामले पर ध्यान देने की मांग की। कैसर का कहना था कि यदि पाकिस्तानी नागरिकों को किसी मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा है तो सरकार को इस संबंध में संबंधित पक्ष से बातचीत करनी चाहिए।
UAE: युद्ध के दौरान खाड़ी देशों की भूमिका पर चर्चा
भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान खाड़ी क्षेत्र के देशों की भूमिका भी चर्चा में रही थी। युद्ध की स्थिति में बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग देशों में फंस सकते हैं और हवाई सेवाओं में बदलाव या उड़ानों के रद्द होने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
असद कैसर का बयान इसी संदर्भ में सामने आया है। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के सामने आई कथित परेशानियों को पाकिस्तानी संसद में रखा है। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
UAE और पाकिस्तान के रिश्तों के लिए मामला अहम
असद कैसर ने जिस तरह इस मुद्दे को संसद में उठाया है, उससे UAE-पाकिस्तान संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। UAE पाकिस्तान के लिए आर्थिक, कारोबारी और प्रवासी समुदाय के लिहाज से महत्वपूर्ण देश है। ऐसे में पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े किसी भी विवाद का असर दोनों देशों के कूटनीतिक संवाद पर पड़ सकता है।
फिलहाल असद कैसर के आरोपों के बाद पाकिस्तान की ओर से इस मामले को लेकर आगे क्या कूटनीतिक कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही UAE की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
read also: ईरान पर Trump का बड़ा आर्थिक एक्शन, बोले- मदद करने वाले देशों को भी भुगतना होगा भारी खामियाजा




