Manisha Teacher Death Case : CBI ने पंचकूला कोर्ट में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट
Manisha Teacher Death Case : हरियाणा के चर्चित अध्यापिका मनीषा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच पूरी करने के बाद क्लोजर रिपोर्ट पंचकूला स्थित विशेष CBI अदालत में दाखिल कर दी है। एजेंसी ने 12 अगस्त को अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश की, जिसमें मनीषा की मौत को आत्महत्या का मामला माना गया है।CBI की ओर से रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट की जानकारी मनीषा के परिजनों को भी दी गई है। अब अदालत में इस रिपोर्ट पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।

Manisha Teacher Death Case : मनीषा के पिता ने जांच पर उठाए गंभीर सवाल
CBI की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद मनीषा के पिता संजय ने जांच को लेकर असंतोष जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और पूरे प्रकरण में लीपापोती की गई है।परिवार का कहना है कि वह CBI की रिपोर्ट से सहमत नहीं है। मनीषा के पिता ने स्पष्ट किया कि बेटी को न्याय दिलाने की उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और आगे भी कानूनी रास्ते अपनाए जाएंगे।
Manisha Teacher Death Case : 27 अगस्त को होगी क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई
पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है। इस दिन जांच एजेंसी की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत में आगे की सुनवाई होगी।बताया गया है कि सुनवाई के दौरान मनीषा के परिवार को रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके बाद परिवार रिपोर्ट की कानूनी समीक्षा कर आगे की रणनीति तय कर सकता है।
Manisha Teacher Death Case : परिवार बोला- न्याय की लड़ाई जारी रहेगी
मनीषा के पिता संजय के साथ बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने भी परिवार की ओर से असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि परिजन CBI की जांच और उसके निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं हैं।परिवार का कहना है कि 27 अगस्त की सुनवाई के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा। परिजनों ने दोहराया कि मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
Manisha Teacher Death Case : CBI रिपोर्ट के बाद आगे की राह पर नजर
अब इस मामले में 27 अगस्त की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा परिवार की आपत्तियों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय हो सकती है।फिलहाल CBI ने अपनी जांच के आधार पर मनीषा की मौत को आत्महत्या माना है, जबकि परिवार इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं कर रहा है। ऐसे में अगली सुनवाई के दौरान अदालत का रुख इस मामले की आगे की दिशा के लिए अहम रहेगा।

