रिपोर्ट- रफी खान
Road Collapsed : मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में मानसून की तेज बारिश ने करोड़ों रुपये की लागत से हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य मार्ग से कुसेरा गांव तक लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बनी 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब तीन वर्ष पहले कराया गया था, लेकिन लगातार हो रही बारिश के बाद सड़क और पुल की स्थिति चिंताजनक हो गई है।

Road Collapsed : धमनी गांव के पास पुल का हिस्सा ढहा
जानकारी के अनुसार धमनी गांव के पास बने पुल का एक हिस्सा पूरी तरह से धराशाई हो गया, जिससे सड़क का मलबा आसपास के खेतों में जा पहुंचा। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि उनकी खड़ी फसल मलबे की चपेट में आकर बर्बाद हो गई। किसानों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन और मुआवजे को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

Road Collapsed : सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क और पुल का निर्माण तय मानकों के अनुसार हुआ था, तो महज तीन साल में पुल का हिस्सा कैसे टूट गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की पर्याप्त निगरानी नहीं की गई।
Road Collapsed : भुरका गांव का पुल भी खतरे में
इसी मार्ग पर भुरका गांव के पास बना पुल भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। पुल की दीवारों और संरचना में आई दरारों को देखकर ग्रामीणों में भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। बरसात के मौसम में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Road Collapsed : अधिकारियों पर लीपापोती के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में अनियमितताओं के सवाल उठने के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े कुछ अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की बात कही जा रही है।
Road Collapsed : निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे सड़क और पुल निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में लापरवाही, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
Road Collapsed : कलेक्टर और विधायक ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी है। वहीं शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भी मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फिलहाल डिंडोरी में करोड़ों रुपये की सड़क का तीन साल में ही क्षतिग्रस्त होना सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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