Ram Mandir Dalit Pujari : संत समाज का सीईओ की नियुक्ति पर विरोध,क्या दलित पुजारी की नियुक्ति पर होगा गतिरोध ?
Ram Mandir Dalit Pujari : राम मंदिर में CEO नहीं, प्रधान राम सेवक चाहिए’, ये मांग संत समाज ने रखी है, इतना ही नहीं अखिल भारतीय संत समिति और राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर के ‘सप्त मंडपम’ में योग्य वेदपाठी दलित समुदाय के पुजारियों को सेवा का अवसर देने का निर्णय लिया है। इन दोनों ही मुद्दे के सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई है कि सीईओ की जगह प्रधान सेवक और दलित पुजारी की मांग को कितना अमल में लाया जायेगा | दरअसल राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद सीईओ की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था | लेकिन संत समाज ने सीईओ की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा…मंदिर को अधिकारी नहीं, दास चाहिए….

Ram Mandir Dalit Pujari : निर्वाणी अखाड़े की ओर से महंत धर्मदास, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास, स्वामी करपात्री जी महाराज और जगदगुरु सतीशाचार्य जी महाराज ने एक कार्यक्रम के दौरान ये मांग उठाई है…. इतना ही नहीं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए राम मंदिर परिसर में नए पुजारियों की भर्ती पर 22 जुलाई की बैठक प्रस्तावित है जिसमे पहली बार दलित समुदाय के योग्य वेदपाठी पुजारियों को सप्त मंडपम के मंदिरों में सेवा का अवसर मिल सकता है। और यदि ऐसा होता है तो इसे राम मंदिर परिसर में सामाजिक समरसता के संदेश को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
Ram Mandir Dalit Pujari : सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि अगस्त्य, महर्षि विश्वामित्र, निषादराज, माता शबरी और माता अहिल्या के मंदिर स्थापित हैं। इन सभी पात्रों और ऋषियों को भारतीय परंपरा में सामाजिक समरसता और समावेश का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में संत समाज की मांग पर कितना विचार किया जायेगा और इसमें कोई आपत्ति आती है तो फिर किस माध्यम से भर्तियाँ की जाएगी ये बड़ा सवाल है |

