Simhastha 2028 Ujjain : स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प,सिंहस्थ को नव्य, दिव्य, भव्य बनाने तैयारियां तेज
Simhastha 2028 Ujjain : मध्यकाल में आज बात करेंगे साल-2028 में महाकाल की नगरी उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों की। सिंहस्थ को नव्य, दिव्य और भव्य बनाने के लिये सरकार संकल्पित है। साल 2022 के बाद उज्जैन में विकासकार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ केवल विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम नहीं, बल्कि हमारी सरकार के लिए गौरव का विषय भी है। सिंहस्थ 2028 में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2004 और 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों के आधार पर आगामी आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को अधिक सशक्त एवं सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। उज्जैन की प्रबंधन व्यवस्था और आधारभूत तैयारियां भी पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सुदृढ़ हुई हैं।साथ ही पूर्व अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ लेते हुए कार्यशालाओं के माध्यम से विशेष प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
Simhastha 2028 Ujjain : दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को उज्जैन में ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’ विषय पर हुई एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ भारत की ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, दर्शन, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत, अटूट आस्था और हमारी आध्यात्मिक परम्पराओं का महासंगम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिंहस्थ-2028 को नव्य प्रारूप में भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारी सभी तरह के प्रबंधन एवं तैयारियां तेजी से जारी हैं। हम सब मिलकर पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण से काम करेंगे, तभी सिंहस्थ एक नई मिसाल कायम करेगा।।।
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