NEET Re Exam 2026 : इस साल देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा काफी चर्चा में है… वजह है पेपर लीक और उसके बाद अब री-एग्जाम…. 21 जून को होने वाली एग्जाम में 22.79 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए भारत के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5000 से ज्यादा एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। री-एग्जाम को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और टेलीग्राम को अस्थाई रूप से जब तक परीक्षा नहीं हो जाती बैन कर दिया है. लेकिन इसी बीच कुछ दर्दनाक घटनाएं भी सामने आई हैं. जिनमें नीट एग्जाम देने वाले कैंडिडेट्स ने आत्महत्या की है….जिससे सबकी चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं.
NEET Re Exam 2026 : NEET का री-एग्जाम, छात्रों के भविष्य का इम्तहान
दरअसल, नीट एग्जाम की लाखों छात्र लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और उन्हें अपने परिणाम का इंतजार था. लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी… कई छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इससे मानसिक दबाव और तनाव काफी बढ़ गया…एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में अब तक NEET से जुड़े कम से कम 14 छात्र आत्महत्या के मामले सामने आए हैं. इनमें से 5 मामले परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए बताए गए हैं….जिसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए| फिलहाल नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम को पूरी तरह लीक प्रूफ बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

NEET Re Exam 2026 : री–एग्जाम के लिए व्यवस्थाएं चाकचौबंद, सुरक्षा के कड़े प्रबंध
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मल्टी-लेयर सुरक्षा, जैमर की तैनाती और केंद्रीय बलों की निगरानी के बीच परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित की है। लेकिन नागपुर में एडमिट कार्ड की एक बड़ी त्रुटि सामने आई जहां एक छात्र (अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब) के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी (दुबई) बता दिया गया था। भुवनेश्वर की एक छात्रा को 2300 किमी दूर देहरादून में सेंटर मिला, जिसे बाद में सुधार दिया गया। छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में भी सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गलतियों और बढ़ते सुसाइड के मामलों का जिम्मेदार कौन और किस तरह के कदम उठये जाने की जरूरत है…इसी पर करेंगे चर्चा….
NEET Re Exam 2026 : छात्रों का आक्रोश और संघर्ष, क्या निकलेगा निष्कर्ष ?
• एक रिपोर्ट के अनुसार 2021 से 2026 के बीच नीट से जुड़े कम से कम 93 छात्रों ने आत्महत्या की
• इनमें सबसे अधिक मामले परीक्षा में असफल होने, पेपर लीक के तनाव और परीक्षा रद्द होने के बाद
• दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) के दबाव के कारण सामने आए हैं, इस वर्ष अब तक
• 14 छात्रों ने आत्महत्या की नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) के बीच
• केवल 37 दिनों में 12 छात्रों ने अपनी जान दे दी थी, इन मामलों में सबसे अधिक
• आत्महत्याएं राजस्थान के कोचिंग हब, कोटा से सामने आई

