Samrasta Vimarsh Bhopal : भोपाल। सामाजिक समरसता और विकसित भारत @2047 के संकल्प को केंद्र में रखकर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा राजधानी भोपाल में “समरसता विमर्श” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, शाहपुरा में किया गया, जिसमें सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अखिल भारतीय सामाजिक समरसता गतिविधि के संयोजक श्याम प्रसाद, परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ तथा समरसता विचारक डॉ. रमेश पांडव की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर परिषद के पूर्व महानिदेशक बी.आर. नायडू और महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु आलोक चौबे ने भी वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार रखे।

Samrasta Vimarsh Bhopal : सामाजिक समरसता से ही बनेगा विकसित भारत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन नागर ने कहा कि सामाजिक समरसता विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्यों और संविधान जागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रम प्रदेशभर में संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और समाज में एकता व सद्भाव को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

Samrasta Vimarsh Bhopal : जातिगत भेदभाव मिटाकर ही संभव है विकास
अखिल भारतीय सामाजिक समरसता प्रमुख श्याम प्रसाद ने कहा कि गांव और समाज के विकास के लिए आपसी भाईचारा, सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करते हैं, तभी वास्तविक विकास संभव होता है। उन्होंने मध्यप्रदेश के चयनित गांवों में जन अभियान परिषद के साथ मिलकर समरस समाज निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
Samrasta Vimarsh Bhopal : समरसता की भूमि बनेगा मध्यप्रदेश
प्रख्यात समरसता विचारक डॉ. रमेश पांडव ने कहा कि समरसता का विचार भले ही महाराष्ट्र में प्रमुखता से विकसित हुआ हो, लेकिन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के प्रयासों से प्रदेश समरसता के उदय की भूमि बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि परिषद ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सहयोग से समरसता के विचार को अकादमिक स्वरूप दिया है, जिसका प्रभाव जल्द ही समाज में दिखाई देगा।
Samrasta Vimarsh Bhopal : पाठ्यक्रमों की समीक्षा और सुधार पर मंथन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। डॉ. बकुल लाड़ ने कहा कि परिषद नवाचार, सामूहिकता और स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समीक्षा से प्राप्त सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रमों को और अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाया जाएगा।
Samrasta Vimarsh Bhopal : पांच समूहों ने की पांच वर्षों की अध्ययन सामग्री की समीक्षा
समरसता समीक्षा कार्यशाला में बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रमों की पांच वर्षों की अध्ययन सामग्री का परीक्षण पांच अलग-अलग समूहों द्वारा किया गया। इसमें छात्र, परामर्शदाता, परिषद के अधिकारी और समरसता कार्यकर्ता शामिल रहे। समीक्षा के दौरान वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप सुधार एवं संशोधन संबंधी सुझाव प्राप्त किए गए। कार्यक्रम में ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभागों के समन्वयक, सीएमसीएलडीपी छात्र, मेंटर और सीएम इंटर्न भी उपस्थित रहे।
समरसता विमर्श के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, समानता और संविधान आधारित मूल्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को सामाजिक समरसता से जोड़ते हुए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता पर विशेष बल दिया गया।
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