Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : 2029 में भी नरेंद्र मोदी को हराना बच्चों का खेल नहीं ,BJP राज्यों में आपसी प्रतिस्पर्धा, एक-दूसरे पर कितना भरोसा ?
Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यह दावा कि हम पहले ही चुनाव जीत चुके हैं, 2024 में हम हारे नहीं थे, ये राजनीतिक तौर पर बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह बयान केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्षी एकता और भविष्य की रणनीति का संकेत भी देता है। हालांकि, सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी वास्तव में नरेन्द्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी या एनडीए के लिए 2029 में बड़ी चुनौती बन सकते हैं ? क्योंकि आज के दौर में भाजपा, एनडीए की विस्तार और क्षेत्रीय दलों का पतन और इंडिया गठबंधन की आपसी तनातनी जगजाहिर है। गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौतियां सीट बंटवारा, क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं, नेतृत्व का सवाल और राज्यों में आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू से ही रही हैं। पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग को लेकर लंबी बातचीत और मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कुछ दलों ने गठबंधन को केवल चुनावी मंच बताया था। 2025 में आम आदमी पार्टी ने औपचारिक रूप से कहा कि INDIA गठबंधन का उद्देश्य केवल 2024 चुनाव था।

Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : हालांकि 2014 के बाद मोदी सरकार का 29 तक 15 सालों का लंबा कार्यकाल रहेगा, तमाम जनहितैषी कल्याणकारी योजनाएं की फेहरिस्त रहेगी, ऐसे बड़े फैसले और बड़े निर्णय मोदी सरकार की उपलब्धियां रहेगी। जिनके आगे राहुल गांधी अकेले भाजपा के लिए उतनी बड़ी चुनौती नहीं बन सकते, जितनी एक मजबूत और एकजुट विपक्ष बन सकता है। अब यदि विपक्ष सीट बंटवारे, नेतृत्व और साझा एजेंडे पर सहमति बना लेता है, तो मुकाबला कड़ा हो सकता है। लेकिन यदि गठबंधन में अंतर्विरोध बने रहे, तो भाजपा को सीधा फायदा मिलेगा। बहरहाल अब 2029 के चुनाव में अभी काफी वक्त है, इससे पहले कई राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होने हैं। जो राजनीतिक दलों के लिये काफी हद तक 29 की रणनीति और रूपरेखा तय करेंगे, लेकिन अब राहुल के दावा है और 29 के लिये दांव भी, लेकिन बिखरा-बिखरा इंडिया गठबंधन खुद भाजपा से पहले राहुल के लिये बड़ी चुनौती। इसी मुद्दे पर हम चर्चा करेंगे। लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।।।
Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : भारतीय जनता पार्टी भले ही दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हो, भले ही 16 राज्यों में बीजेपी की सरकार, उसके मुख्यमंत्री और 22 राज्यों में एनडीए की सरकारें हो…लेकिन 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिये विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बड़ा दावा सामने आया है। लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि विपक्षी INDIA गठबंधन 2029 का चुनाव पहले ही जीत चुका है, उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 में वे वास्तव में हारे नहीं थे। राहुल गांधी का तर्क है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्ता पक्ष की सीटें घटीं और विपक्ष ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर लड़ाई जीती है, इसलिए 2029 के लिए उसकी स्थिति मजबूत है। दरअसल इंडिया गठबंधन की मीटिंग में राहुल के भाषण का ऑडियो कांग्रेस ने जारी किया। जिसमें राहुल गांधी ने बीजेपी, आरएसएस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इतना ही नहीं, उन्होंने सहयोगी दलों को भी एक तरह से संदेश दिया कि बीजेपी के खिलाफ असली और निर्णायक लड़ाई केवल कांग्रेस ही लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो… जब संस्थाओं पर कब्जा हो… जब जनता की आवाज दबाई जाए… तब सिर्फ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच गुस्से को देखते हुए अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष पहले ही जीत चुका है, उनका मानना है कि जीत तय है, लेकिन मुख्य समस्या यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं। और इंडिया गठबंधन एकजुटता के साथ बीजेपी का सामना करे।
Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया, कि हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से भाजपा और भारत के संस्थानों पर उसके कब्जे को हराएंगे। कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह से छोटे छोटे दल खत्म हो रहे हैं, और भाजपा से निपटना है तो राहुल गांधी का हाथ थामना ही होगा।लेकिन बीजेपी की माने तो 2029 में भी नरेंद्र मोदी को हराना बच्चों का खेल नहीं है। राहुल गांधी ऐसे सपने अपने आपको सिर्फ राजनीति में जिंदा रखने के लिये देख रहे हैं।बहरहाल राहुल गांधी का यह बयान 2029 की तैयारी के लिए विपक्षी दलों में उत्साह भरने और INDIA गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन हर बार गठबंधन का अंतर्विरोध और एकदूसरे को तल्खी और महत्वाकांक्षा ही उसकी सबसे बड़ी चुनौती भी बनता है। ऐसे में यदि विपक्ष वास्तविक एकता दिखाता है और राज्यवार प्रभावी रणनीति बनाता है, तो वह भाजपा को कड़ी चुनौती दे सकता है। अब दावा भले ही 29 की चुनावी जंग में पहले से ही जीत का किया जा रहा हो, लेकिन जिस तरह से भाजपा और एनडीए की ताकत देश में बढ़ रही है, देश के 22 राज्यों में भगवा लहरा रहा है, ऐसे में भाजपा का विजयरथ रोकना आसान नहीं होगा। क्योंकि भारतीय राजनीति में 2029 के लोकसभा की लड़ाई केवल गठबंधन की नहीं, बल्कि नेतृत्व, संगठन और जनविश्वास की भी होगी।।।।
Rahul Gandhi on Lok Sabha Election : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि अगले एक साल के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद से जाने वाले हैं. उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैसे बोला है कि नरेंद्र मोदी की सरकार एक साल बाद चली जाएगी. 2029 के बाद बोल सकते थे, लेकिन हम इतने स्ट्रांग हैं कि 2029 में भी नरेंद्र मोदी को हराना बच्चों का खेल नहीं है. उन्होंने ये भी दावा किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते |कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था – यह रहा, ज़रूर सुनें। 8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया। जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो… जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो… जब जनता की आवाज़ दबाई जाए…तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है। मैं फिर से कह रहा हूँ – 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं। हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।

