रिपोर्टर : हर्षवर्धन शर्मा
Rohtak Fire Incident : रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रभावित परिवारों और दुकानदारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से पीड़ितों को पूर्ण मुआवजा और मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

Rohtak Fire Incident : अग्निकांड प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायक भारत भूषण बत्रा के साथ अग्निकांड प्रभावित परिवारों के घर पहुंचकर उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हादसे में हुए नुकसान की जानकारी ली और पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। हुड्डा ने कहा कि इस दुखद घटना ने कई परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया है।
Rohtak Fire Incident : सरकार का मुआवजा पर्याप्त नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा घोषित राहत राशि को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि प्रभावित दुकानदारों और परिवारों को उनके वास्तविक नुकसान के अनुसार पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दुकानें जलकर राख हो गई हैं, उनके पुनर्निर्माण की व्यवस्था भी सरकार को करनी चाहिए ताकि उनकी रोजी-रोटी दोबारा शुरू हो सके।
Rohtak Fire Incident : मृतकों के परिजनों को मिले सरकारी नौकरी
हुड्डा ने कहा कि जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसे परिवारों के पुनर्वास के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए।
Rohtak Fire Incident : फायर ब्रिगेड की व्यवस्था पर उठाए सवाल
अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यदि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी होते तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में फायरमैन के लगभग 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं और लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।हुड्डा ने कहा कि आग बुझाने पहुंची एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी तकनीकी खराबी के कारण ठीक से काम नहीं कर पाई, जबकि दूसरी गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग गया। इससे आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका।
Rohtak Fire Incident : शहर में फायर स्टेशन की आवश्यकता
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहर के भीतर पर्याप्त फायर स्टेशन होने चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल तेजी से मौके पर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अग्निशमन सेवाओं को और मजबूत बनाने की जरूरत है।
Rohtak Fire Incident : आधुनिक उपकरणों से लैस हो अग्निशमन विभाग
हुड्डा ने कहा कि देशभर में लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें भारी जान-माल का नुकसान हो रहा है। ऐसे में सरकारों को चाहिए कि वे अग्निशमन विभाग को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मियों और पर्याप्त संसाधनों से सुसज्जित करें। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान नुकसान को कम किया जा सकेगा।
Rohtak Fire Incident : सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
उन्होंने कहा कि आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए केवल राहत कार्य पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए। इसके लिए सरकार को फायर सेफ्टी मानकों की नियमित समीक्षा करनी चाहिए और जरूरी सुधार लागू करने चाहिए।रोहतक अग्निकांड ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन और अग्निशमन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना समय की मांग है।

