MP MSME Development : उद्योगों में पारदर्शिता और सुशासन, रोजगार सृजन,नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था, विकास की आधारशिला
MP MSME Development : बीते ढाई साल में शासनकाल में मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए आयाम तय किए हैं। जिसमें से एक मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में उद्यमिता को नई दिशा देने और रोजगार सृजन को गति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसी उद्देश्य के तहत उद्योग, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।इससे प्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ नए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इसी क्रम में समृद्ध एमएसएमई–विकसित मध्यप्रदेश कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 350 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की।मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र, स्टार्टअप नीति 2025 एवं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत भी हितलाभ प्रदान किए।
MP MSME Development : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए एमएसएमई उद्यमियों एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। जिसमें उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों और योजनाओं के प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई साथ ही वे उद्यमिता को और अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव और अपेक्षाएं भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न जिलों के एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। साथ ही उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र, स्टार्टअप नीति अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न लाभ और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को हितलाभ भी वितरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ईजऑफ डुईंग बिजनेस को एक नारा नहीं बल्कि जमीन पर हकीकत में बदला है।
MP MSME Development : आज उद्योगों के लिये जमीन का केशलेस आवांटन कर विभाग ने पारदर्शिता और सुशासन की एक नई मिसाल पेश की है। जहां बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी निष्पक्षता से उद्धमियों को भूमि आवंटित की जा रही है। यवाओं को रोजगार सृजनकर्ता बनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि मजबूत औद्योगिक आधार, कौशल विकास और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला है। इसी दृष्टि के साथ सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश को निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में यह प्रयास न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में यह प्रयास न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

