Heart Health : 40 की उम्र के बाद क्यों जरूरी हो जाती है हार्ट स्क्रीनिंग?
Heart Health : बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण आजकल हार्ट से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जहां हार्ट अटैक और ब्लॉकेज की समस्या अधिक उम्र में देखने को मिलती थी, वहीं अब 40 वर्ष के बाद इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर हार्ट हेल्थ की जांच कराना गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
Heart Health : ब्लड प्रेशर टेस्ट : साइलेंट किलर की समय रहते पहचान
हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता है और लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg के आसपास माना जाता है।

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Heart Health : Lipid Profile Test, कोलेस्ट्रॉल पर रखें नजर
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट शरीर में LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल), HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर की जांच करता है। यदि खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है तो धमनियों में ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ सकता है। 40 वर्ष के बाद साल में कम से कम एक बार यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।

Heart Health : ECG,दिल की धड़कन की जांच
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी और हार्ट रिद्म की जानकारी देता है। यदि सीने में दर्द, धड़कन तेज होना या सांस फूलने जैसी समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह पर तुरंत यह टेस्ट कराया जाना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति भी नियमित अंतराल पर इसकी जांच करवा सकते हैं।

Heart Health : Echocardiogram, हार्ट की संरचना और पंपिंग क्षमता की जांच
इकोकार्डियोग्राम अल्ट्रासाउंड तकनीक पर आधारित टेस्ट है, जिससे हार्ट की बनावट, वाल्व और पंपिंग क्षमता का आकलन किया जाता है। हाई ब्लड प्रेशर, सांस फूलने या ECG में असामान्यता मिलने पर डॉक्टर यह टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
Heart Health : TMT या Stress Test, एक्सरसाइज के दौरान हार्ट की क्षमता
ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) या स्ट्रेस टेस्ट के जरिए यह देखा जाता है कि शारीरिक गतिविधि के दौरान हार्ट कितना बेहतर काम कर रहा है। इस टेस्ट से हार्ट में ऑक्सीजन सप्लाई, ब्लॉकेज की संभावना और दिल की कार्यक्षमता का पता लगाया जाता है। 40 के बाद यह स्क्रीनिंग विशेष रूप से लाभदायक मानी जाती है।

Heart Health : hs-CRP Test, सूजन और हार्ट डिजीज का जोखिम
जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान की आदत या परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, उनके लिए हाई-सेंसिटिविटी सी-रिएक्टिव प्रोटीन (hs-CRP) टेस्ट महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शरीर में सूजन के स्तर को मापता है, जो भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक के जोखिम का संकेत हो सकता है।
Heart Health : स्वस्थ हार्ट के लिए नियमित जांच है जरूरी
40 वर्ष की उम्र के बाद हार्ट हेल्थ को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। नियमित ब्लड प्रेशर, Lipid Profile, ECG, Echocardiogram, TMT और hs-CRP जैसे टेस्ट समय रहते जोखिम की पहचान करने में मदद करते हैं और सही इलाज शुरू करने का अवसर देते हैं। इसके साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी स्वस्थ हृदय के लिए बेहद जरूरी हैं।
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