Rajya Sabha Elections : तीसरी सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर,राज्यसभा का रण, बीजेपी-कांग्रेस के क्या समीकरण ?
Rajya Sabha Elections : मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर है। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिनका कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। इनमें भाजपा के दो सांसद और कांग्रेस के एक सांसद की सीट शामिल है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम 18 जून घोषित कर दिया है, जिसके बाद दोनों दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। विधानसभा में भाजपा के मजबूत संख्या बल को देखते हुए दो सीटों पर उसकी जीत तय मानी जा रही है, लेकिन कांग्रेस अपनी एकमात्र सीट बचाने की रणनीति बनाने में जुटी है। इसी वजह से दोनों दलों में दावेदारों की लंबी सूची और अंदरूनी खींचतान भी चर्चा का विषय बनी हुई है।भाजपा में संगठन और सत्ता से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जबकि कांग्रेस में भी नए और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन साधने की चुनौती है।
Rajya Sabha Elections : राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि प्रत्याशियों के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के गणित पर नजर डालें तो मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जबकि तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी तेज हैं। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से बीजेपी दो सीटों पर मजबूत दिख रही है, जबकि तीसरी सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच दिलचस्प मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी समीकरण इस चुनाव को और रोमांचक बना रहे हैं। राज्यसभा जाने वाले चेहरों की बात करें तो भाजपा से पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सुरेश पचौरी, कैलाश विजयवर्गीय, कांतदेव सिंह, लाल सिंह आर्य के नामों पर चर्चा है। तो वहीं जॉर्ज कुरियन का नाम तय माना जा रहा है। उधर कांग्रेस से जीतू पटवारी, कमलनाथ के साथ ही मीनाक्षी नटराजन, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव के नाम पर चर्चा ने जोर पकड़ रखा है। ऐसे में सबकी नजर अब भाजपा और कांग्रेस आलाकमान पर टिकी है कि आखिर राज्यसभा की इस प्रतिष्ठित लड़ाई में किसे दिल्ली का टिकट मिलता है और कौन राज्यसभा की बाजी मारता है।

