REPORT : AJAY NIGAM
Tree Plantation : पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का संदेश
Tree Plantation : विश्व पर्यावरण दिवस से एक दिन पहले इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का प्रेरणादायक संदेश देखने को मिला। मधुबनी (बिहार) से अपने अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित बच्चे के उपचार के लिए आए परिजनों ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी के साथ मिलकर पौधारोपण किया।इस अवसर पर जामुन और बेल के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई।

Tree Plantation : जल, जीवन और जमीन के संतुलन में वृक्षों की अहम भूमिका
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल वातावरण को शुद्ध बनाते हैं, बल्कि वर्षा को आकर्षित करने, भूजल स्तर बनाए रखने और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि यदि धरती पर हरियाली बनी रहेगी तो जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण मिल सकेगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
Tree Plantation : औषधीय और धार्मिक महत्व वाले पौधों का रोपण
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि बेल और जामुन दोनों ही पौधे स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बेल का वृक्ष धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। वहीं जामुन मधुमेह नियंत्रण में सहायक प्राकृतिक फलों में शामिल है।उन्होंने नागरिकों से पीपल, बरगद, नीम, आंवला, बेल और आम जैसे उपयोगी वृक्ष लगाने की अपील की। साथ ही प्रत्येक परिवार को घर में तुलसी का पौधा लगाने का सुझाव दिया।
Tree Plantation : बिहार से उपचार के लिए पहुंचे परिजन
मधुबनी निवासी प्रमोद साहनी अपने अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए इंदौर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें उपचार के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर डॉ. ए.के. द्विवेदी के पास भेजा गया था।उन्होंने कहा कि इंदौर में उन्हें घर जैसा वातावरण और आत्मीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे उपचार प्रक्रिया में काफी सहायता मिली।
Tree Plantation : मत्स्य पालन से आत्मनिर्भरता की मिसाल
प्रमोद साहनी ने बताया कि वे बिहार में मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर उन्होंने इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है।उन्होंने बताया कि आज वे स्वयं मत्स्य पालन कर रहे हैं और अन्य लोगों को भी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं।
Tree Plantation : मानव सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम
कार्यक्रम के दौरान प्रमोद साहनी ने डॉ. ए.के. द्विवेदी और उनकी टीम द्वारा मरीजों की सेवा तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण जागरूकता का यह समन्वय समाज के लिए प्रेरणादायक है।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम लोगों को प्रकृति संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण संदेश देता है।

