रिपोर्टर-आदर्श दुबे
Shahpur (सागर): मध्य प्रदेश के सागर जिले के अंतर्गत आने वाले शाहपुर नगर में शुक्रवार (29 मई 2026) की देर रात मौसम के एक खौफनाक और विकराल रूप ने भारी तबाही मचाई है। रात करीब 11 बजे अचानक आए तीव्र आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और इसके बाद हुई अभूतपूर्व ओलावृष्टि (Hailstorm) से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय बुजुर्गों और नागरिकों के मुताबिक, शाहपुर के इतिहास में ऐसी विनाशकारी ओलावृष्टि पहले कभी दर्ज नहीं की गई। इस मौसमी आफत से व्यापारियों, किसानों और आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

Shahpur टीन-शेड उड़े, सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़
आधी रात को आए इस चक्रवाती तूफान और ओलों की मार ने बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है:
- व्यावसायिक नुकसान: ओलों की रफ्तार और आकार इतना बड़ा था कि बाजार क्षेत्र में कई दुकानों के ऊपर लगे लोहे और सीमेंट के टीन-शेड हवा में उड़ गए, जबकि कई चद्दरें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
- यातायात बाधित: तेज अंधड़ के कारण नगर के विभिन्न हिस्सों में कई पुराने और विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर मुख्य सड़कों पर आ गिरे, जिससे देर रात यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
Shahpur बेजुबानों पर टूटा कहर: तोतों की मौत, तड़पते पक्षियों के लिए आगे आए लोग

दहला देने वाला मंजर: इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक और संवेदनशील पहलू वन्यजीवों पर देखने को मिला। पेड़ों पर आश्रय लिए बैठे तोते और अन्य प्रजातियों के सैकड़ों पक्षी ओलों की सीधी मार नहीं झेल पाए। भारी संख्या में पक्षी लहूलुहान होकर पेड़ों से नीचे गिर पड़े। इस हादसे में दर्जनों पक्षियों की मौके पर ही मौत हो गई।
Shahpur नगरवासियों ने दिखाई मानवता:
इस संकट की घड़ी में शाहपुर के नागरिकों ने अनुकरणीय संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। जैसे ही ओलावृष्टि थमी, लोग घरों से बाहर निकले और जमीन पर तड़प रहे घायल तोतों और अन्य पक्षियों को समेटा। स्थानीय युवाओं ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, पानी पिलाया और सुरक्षित बंद स्थानों पर पहुंचाया ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

Shahpur ब्लैकआउट में डूबा नगर, देर रात तक रही अफरा-तफरी
अचानक आए इस मौसमी बदलाव ने पूरे प्रशासनिक और बिजली सिस्टम को हिलाकर रख दिया:
- बिजली संकट: आंधी-तूफान के कारण बिजली के खंभे और तार पेड़ों की चपेट में आ गए, जिसके चलते पूरे शाहपुर नगर की विद्युत आपूर्ति (Power Supply) ठप हो गई। उमस और अंधेरे के बीच लोग घरों में कैद होने को मजबूर रहे।
- दहशत का माहौल: मूसलाधार बारिश और लगातार गिरते बड़े-बड़े ओलों की आवाज से लोग इस कदर खौफजदा हो गए कि देर रात तक पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा।
स्थानीय प्रशासन अब प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहा है, ताकि सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर बिजली बहाल की जा सके और फसलों व दुकानों को हुए नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके।
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