Report: Farhan khan
Agra : ताजनगरी आगरा के शमसाबाद रोड पर पिछले कई वर्षों से बनी जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के उदासीन रवैये से आक्रोशित होकर क्षेत्र के दुकानदारों और आम जनता ने सड़क पर जमा नाले के गंदे पानी के बीच बैठकर एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया। इस जन-आंदोलन का नेतृत्व स्थानीय समाजसेवी गोविंद पराशर ने नागरिकों के साथ मिलकर किया।
Agra आधा दशक से नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं क्षेत्रवासी
Agra प्रदर्शनकारियों ने बेहद नाराजगी जताते हुए कहा कि शमसाबाद रोड के निवासी और दुकानदार पिछले करीब 5 वर्षों से इस जलभराव की समस्या से त्रस्त हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार:

- व्यापार चौपट: सड़क पर दिन-रात बदबूदार और गंदा पानी जमा रहने के कारण ग्राहकों का आना बंद हो गया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों का धंधा पूरी तरह ठप हो चुका है।
- हादसों का डर: गंदे पानी के जमाव के कारण आए दिन राहगीर, विशेषकर महिलाएं, बुजुर्ग और मंदिर जाने वाले श्रद्धालु फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
- महामारी की आशंका: भीषण गर्मी और उमस के बीच इस गंदे पानी से उठने वाली बदबू के कारण पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
Agra गोविंद पराशर की प्रशासन को दोटूक: जल्द समाधान नहीं तो बड़ा आंदोलन
चेतावनी भरा लहजा: विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी गोविंद पराशर ने आगरा नगर निगम के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता टैक्स भरती है, लेकिन उनकी बुनियादी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। पराशर ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का कोई स्थायी तकनीकी समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को और उग्र तथा व्यापक रूप दिया जाएगा।
Agra जनता की तीन प्रमुख मांगें
सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:

- क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नालों की मुस्तैदी से सफाई कराई जाए।
- गंदे पानी की निकासी के लिए एक मजबूत और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी व्यवस्था) बनाया जाए।
- जलभराव के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुकी शमसाबाद रोड की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
इस अनूठे धरने के कारण शमसाबाद रोड पर काफी समय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही और सड़क के दोनों ओर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। अब देखना यह होगा कि इस जन-आक्रोश और अनोखे प्रदर्शन के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया नगर निगम प्रशासन कितनी जल्दी जागता है।





