Report: Vishal dubay
Ujjain : मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक शहर उज्जैन में देश की हाई-स्पीड प्रीमियम ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को निशाना बनाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन के समीप कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने चलती ट्रेन पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाए। इस अचानक हुए हमले से ट्रेन के कई कोचों के खिड़कियों के कांच टूट गए, जिससे डिब्बों के भीतर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और वे दहशत में आ गए।

Ujjain रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर दूर हुआ हमला; 6 कोच क्षतिग्रस्त
स्थानीय रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार की शाम करीब 7:30 बजे की है। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे ही उज्जैन रेलवे स्टेशन से रवाना होकर करीब 200 मीटर आगे गदा पुलिया और नीलगंगा रेल ट्रैक के बीच पहुंची, तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया।

पत्थरों की रफ्तार और प्रहार इतना तेज था कि ट्रेन के निम्नलिखित कोचों को भारी नुकसान पहुंचा:
- एग्जीक्यूटिव और चेयर कार श्रेणी: ट्रेन के C-6, C-7, C-8, C-9 और E-1, E-2 कोचों की खिड़कियों (विंडो ग्लास) और पिलर के शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
- यात्री सुरक्षित: गनीमत यह रही कि शीशे डबल लेयर (दोहरी परत) के होने के कारण टूटे जरूर, लेकिन अंदर बैठे किसी भी रेल यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।
Ujjain सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए संदिग्ध; आरपीएफ जांच में जुटी
Ujjain इस कायराना करतूत का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी रेलवे प्रशासन के हाथ लगा है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन के आने से ठीक पहले कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास मंडरा रहे थे। जैसे ही वंदे भारत एक्सप्रेस वहां से गुजरी, उन्होंने पत्थरों से हमला बोल दिया और मौके से फरार हो गए।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई: घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीमें अलर्ट हो गईं। आरपीएफ के उप निरीक्षक जयवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और उसे प्राथमिक जांच के बाद गंतव्य के लिए समय पर रवाना कर दिया गया।
Ujjain रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर आरोपियों के हुलिए और पहचान की पुष्टि करने में जुटी है। रेल प्रशासन ने इस सुरक्षा चूक को बेहद गंभीरता से लिया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी है।
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