Quad Meeting 2026 : नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री निगरानी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की रोक या टोल का असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है।

बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री S. Jaishankar, अमेरिका से Marco Rubio, जापान से Toshimitsu Motegi और ऑस्ट्रेलिया से Penny Wong शामिल हुए।
Quad Meeting 2026 : क्वाड देशों के बीच तीन बड़े फैसलों पर सहमति
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कई अहम फैसलों का ऐलान किया गया।
क्वाड देशों ने समुद्री निगरानी बढ़ाने और सैटेलाइट डेटा साझा करने पर सहमति जताई। इसके तहत हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और आपदा राहत कार्यों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया गया। भारत और अमेरिका ने इस संबंध में द्विपक्षीय समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू करने पर सहमति बनी। इसमें फ्यूल सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी सहयोग और आपातकालीन तैयारियों पर फोकस रहेगा।
Quad Meeting 2026 : जयशंकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जरूरी
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन देशों पर आतंकी हमले होते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है।
जयशंकर ने यह भी कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा।
Quad Meeting 2026 : क्वाड अब सिर्फ चर्चा नहीं, कार्रवाई की ओर बढ़ रहा: रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि क्वाड अब केवल चर्चा करने वाला मंच नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से एक्शन आधारित साझेदारी बनता जा रहा है। उन्होंने भारत की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में क्वाड की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

Quad Meeting 2026 : इंडो-पैसिफिक में बढ़ेगा सहयोग
जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi ने कहा कि क्वाड देशों का मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र और सुरक्षित बनाए रखना है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता में भारत की भूमिका बेहद अहम है।
संपादकीय नजरिया
क्वाड देशों की दिल्ली बैठक ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्थिरता का सामना कर रही है। होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव, ऊर्जा सुरक्षा का संकट, सप्लाई चेन की चुनौतियां और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन का बढ़ता प्रभाव—इन सबके बीच क्वाड अब केवल एक रणनीतिक मंच नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम केंद्र बनता जा रहा है।
बैठक में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सहयोग पर जो सहमति बनी, वह साफ संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में आर्थिक और सामरिक प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है। खासकर क्रिटिकल मिनरल्स पर भारत-अमेरिका समझौता इस बात का संकेत है कि दुनिया अब चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उसने आतंकवाद पर स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का “जीरो टॉलरेंस” वाला बयान भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को दोहराता है। यह संदेश केवल क्षेत्रीय आतंकवाद तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी अहम है।
हालांकि, क्वाड के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सदस्य देशों के अपने-अपने आर्थिक हित, अमेरिका की बदलती विदेश नीति और चीन के साथ व्यापारिक संबंध कई बार इस समूह की एकजुटता को प्रभावित करते हैं। इसके बावजूद यह साफ है कि इंडो-पैसिफिक में स्थिरता बनाए रखने के लिए क्वाड की भूमिका भविष्य में और बढ़ेगी। भारत के लिए यह अवसर भी है और परीक्षा भी। अवसर इसलिए कि वह वैश्विक राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है, और परीक्षा इसलिए कि उसे रणनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा भी करनी होगी।

